उज्जैन. अधिकमास के चलते इस वर्ष दो सावन रहे। 19 साल बाद बने इस संयोग के कारण भगवान महाकाल की 10 सवारी निकाली गई। सोमवार को निकली शाही सवारी में सभी 10 मुखारविंद शामिल रहे। भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में यह दूसरी सवारी रही। करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल की शाही सवारी के दर्शन किए। दसवें क्रम पर सप्तधान्य स्वरूप शामिल किया, जिसकी मनमोहक छवि के दर्शन कर हर कोई रोमांचित हो उठा। एक पलक निहारने को लोग सवारी मार्ग पर अपलक बाबा महाकाल का इंतजार करते रहे। ज्यों ही बाबा के दर्शन हुए, मानो निहाल हो गए।मुख्यमंत्री, सिंधिया समेत कई वीआइपी पहुंचे
बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल होने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पत्नी साधना सिंह और पुत्र कार्तिकेय सुबह उज्जैन पहुंचे थे। इनके अलावा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदयुरप्पा ने श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक पूजन किया। देवास राज परिवार से जुड़ी और विधायक गायत्रीराजे पवार ने सपरिवार श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत उज्जैन प्रवास के दौरान महाकाल मंदिर पहुंचे व भगवान की भस्म आरती में शामिल हुए। इसके अलावा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक पारस जैन आदि ने महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। भगवान श्री महाकालेश्वर की शाही सवारी परम्परागत मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंची। जहं पर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व उनके पुत्र महाआर्यमन ने अपने वंश परंपरानुसार पालकी में विराजित चन्द्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया।