3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सोशल सिक्यूरिटी स्किम : अब जिले का हर दिव्यांग होगा सशक्त 

बडऩगर तहसील में दिव्यांगों को फ्री मेडिक्लेम दिया जा रहा है, अब यह योजना उज्जैन जिले में लागू करने की तैयारी है, जनभागीदारी से दिव्यांगों का परिचय सम्मेलन भी आयोजित हो रहा

2 min read
Google source verification

image

Nagda Desk

Jan 16, 2017

Social security scheme: district will empower ever

Social security scheme: district will empower every divyanga

उज्जैन. तहसील के बाद अब पूरा उज्जैन जिला देश का एेसा पहला जिला बनेगा, जहां सभी दिव्यांगों को फ्री मेडिक्लेम दिया जाएगा। प्रीमियम राशि की व्यवस्था सरकार की सब्सिडी और जनभागीदारी से होगी। यही नहीं दिव्यांगों के विवाह में जोड़े को उपहार स्वरूप भी फ्री मेडिक्लेम दिया जाएगा। योजना में दिव्यांग सहित उनके परिजन भी कवर होंगे।

सोशल सिक्युरिटी स्कीम
केंद्र सरकार की सोशल सिक्युरिटी स्कीम के तहत दिव्यांग व्यक्ति व उनके परिजनों के मेडिक्लेम की योजना है। इसमे बीमित दिव्यांग व परिजन दो लाख रुपए तक मुफ्त इलाज करा सकते हैं। योजना अंतर्गत मेडिक्लेम की प्रीमियम राशि का 90 फीसदी सरकार व 10 फीसदी बीमित व्यक्ति को देना होता है। जनजागृति की कमी, राशि का अभाव और योजना की जानकारी नहीं होने के कारण कई दिव्यांग इस योजना से दूर है। हाल में जिला अंतर्गत बडऩगर अनुविभाग के एसडीएम अवि प्रसाद ने हितग्राही द्वारा जमा की जाने वाली 10 फीसदी राशि की व्यवस्था भी जनभागीदारी से करने की नई पहल की है। इसके बाद बडऩगर तहसील के सभी करीब 1100 दिव्यांगों का फ्री मेडिक्लेम हो सकेगा। दिव्यांग या परिजन को योजना के लिए कोई राशि खर्च नहीं करना पड़ेगी। बडऩगर तहसील के बाद अब इस पहल को पूरे जिले में अपनाया जाएगा। इससे एक कदम आगे, कलेक्टर संकेत भोंडवे ने विवाह करने वाले दिव्यांग जोड़ों को जनभागीदारी से उपहार स्वरूप फ्री मेडिक्लेम देने का निर्णय लिया है।


बढ़ेंंगे हाथ तो और सशक्त होंगे दिव्यांग
जिले में दिव्यांगो के लिए प्रशासनिक स्तर पर तो कुछ प्रयास हो ही रहे हैं, लेकिन इस योजना के लिए सामाजिक संगठनों के सहयोग की भी जरूरत होगी। बडऩगर तहसील में जनभागीदारी से प्रीमियम राशि की व्यवस्था ने मिसाल कायम की है। ऐसी ही मिसाल अब जिले में भी प्रस्तुत करना होगी। जानकारों के अनुसार मेडिक्लेम के एक प्रकरण में एक वर्ष की प्रीमियम करीब 3500 रुपए है। इसमें दिव्यांग का हिस्सा लगभग 360 रुपए है। जनभागीदारी से इस 360 रुपए की व्यवस्था करना है। जिले में करीब 30 हजार दिव्यांग हैं। मसलन एक तहसील में औसत चार हजार दिव्यांगों का मेडिक्लेम कराना होगा।

- जनभागीदारी से जिले संपूर्ण जिले में दिव्यांगों का फ्री मेडिक्लेम कराया जाएगा। 19 जनवरी को दिव्यांगों का परिचय सम्मेलन आयोजित किया है। दिव्यांग दंपत्तियों का भी फ्री मेडिक्लेम कराएंगे।
- संकेत भोंडवे, कलेक्टर

ये भी पढ़ें

image
Story Loader