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बेटे को दोबारा जीवनदान देगी मां

दोनों किडनी गवां बैठे बेटे को मां ने किडनी देने का लिया निर्णय

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Lalit Saxena

Feb 22, 2016

उज्जैन. उम्र के जिस दौर में मां-बाप को बेटे से सेवा की आशा होती है। प्रकृति की मार ने उसी उम्र में बेटे को मौत के करीब पहुंचा दिया। दोनों किडनी गंवा बैठे बेटे को मां ने दोबारा जिंदगी देने का निर्णय लिया। उम्रदराज मां की किडनी लेने से डॉक्टर्स ने इनकार कर दिया, लेकिन मां की ममता के आगे विशेषज्ञ की टीम ने सिर झुकाया और उन्हें फैसला बदलना पड़ा। महीनों चले टेस्ट के बाद किडनी ट्रांसप्लांट को राजी हुए। अगले सप्ताह इंदौर स्थित मेडिकल कॉलेज में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
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जान का जोखिम
विद्यापति नगर निवासी 36 वर्षीय अवधेश यादव मेडिसिन इंफेक्शन के कारण दोनों किडनी गंवा बैठे। बेटे को मां राजाबेटी यादव ने किडनी देने का फैसला किया, लेकिन डॉक्टर्स ने 58 वर्षीय मां की किडनी लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया। मां राजाबेटी ने बताया उम्र अधिक होने की वजह से डॉक्टर्स ने ट्रांसप्लांट में जान का जोखिम होने की वजह से मना किया था। किडनी फेल्योर के कारण मौत के मुंह में पहुंचे अवधेश को डॉक्टर्स ने किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च 25 लाख से अधिक बताया। बेटे के इलाज में पहले से ही आर्थिक रूप से टूट चुके थे। इतनी राशि की व्यवस्था नहीं थी। डॉक्टर्स से मिलकर उन्होंने समस्या बताई। कई बार की मिन्नतों के बाद डॉक्टर्स खुद की रिस्क पर ट्रांसप्लांट के लिए तैयार हुए। एक फॉर्म पर साइन कराने के बाद कई महीनों तक टेस्ट किए। अब 27 फरवरी को किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी। उसे 24 फरवरी को भर्ती किया जाएगा।

कर्ज लेकर जुटाई राशि
पिता उदयवीर यादव पुलिस विभाग में हैं। बेटे के इलाज के लिए उदयवीर ने जीवनभर की बचत जुटाई। उदयवीर ने बताया अवधेश के इलाज में पहले से ही लाखों रुपए खर्च हो चुके थे। ग्रेच्युटी फंड में भी ज्यादा राशि नहीं बची थी। ट्रांसप्लांट में 10 लाख खर्च आ रहा था। इसलिए बैंक से पर्सनल लोन लिया। रिश्तेदारों से भी राशि उधार ली। इंदौर स्थित अरविदों मेडिकल कॉलेज में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

मां की उम्र अधिक थी
मरीज की मां की उम्र अधिक थी। किडनी ट्रांसप्लांट में कई घंटों का मेजर ऑपरेशन किया जाता है। वृद्धों को इसमें जान का जोखिम हो सकता है। इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मना किया था। परिजनों की रिस्क पर ट्रांसप्लांट किया जा जाएगा। ट्रांसप्लांट के बाद भी बहुत ज्यादा केयर और सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। इसलिए इस प्रक्रिया से उम्रदराज लोगों को दूर रखा जाता है।
- डॉ. विजय डेविड, अरविंदो मेडिकल कॉलेज

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