मीरकला क्षेत्र की घटना, तीन घंटे तक उठता रहा धुआं
शाजापुर. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक टोस्ट बेकरी में आग लग गई। यदि रहवासी और फायर ब्रिगेड समय रहते आग पर काबू नहीं पाते तो दिल्ली में गत दिनों हुए हादसा शाजापुर में भी हो जाता। गनीमत रही कि समय रहते कर्मचारियों और रहवासियों ने आग पर काबू पा लिया और हादसा टल गया। बैकरी में हुए नुकसान का अभी आंकलन नहीं हो पाया। बता दें कि बेकरी मीरकला बाजार में रहवासी क्षेत्र में संचालित हो रही थी। यह शहर का सबसे संकरा मार्ग है, जहां कई छोटी-छोटी दुकाने संचालित होती है। घटना के बाद रविवार को एसडीएम यूएस मरावी और खाद्य सुरक्षा विभाग के अमला पटवारी ने मौका मुआयना कर पंचनामा बनाया। साथ ही आगे से यहां बेकरी संचालित नहीं करने व अन्य रिहायसी क्षेत्रों में भी इस तरह फेक्ट्री या उद्योग पर कार्रवाई की बात कही।
जानकारी के अनुसार घटना शनिवार-रविवार रात 1.40 बजे मीरकला बाजार में सलीम मंसूरी और अलीम मंसूरी की टोस्ट बेकरी में आग लग गई। धुंआ उठता देख लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरु कर दिया और अपने घरों में उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। वहीं सूचना मिलते ही कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुुंच गई। आग पर काबू पाने के बाद सुबह करीब 4.45 बजे तक धूआं उठता रहा। तब तक दुकान में रखा सामान और दुकान जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी। आग लगने का कारण शार्टसर्किट बताया जा रहा है। अभी बैकरी में हुए नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है।
रखे थे पैकिंग के पुष्ठे
बेकरी में पैकिंग के लिए रखे पुष्टों में आग लगने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। यही वजह थी कि बैकरी में लगी आग की लपटों से आसपास के कुछेक मकानों को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। यदि आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के घर भी इसकी जद में आ सकते थे और हादसा बड़ा हो जाता।
बताया जाता है कि बेकरी में 4-5 घरेलू सिलेंडर भी रखे हुए थे जो यदि आग पकड़ लेते तो हादसे बड़ा हो सकता था। इधर रविवार को एसडीएम यूएस मरावी भी मय दलबल के जांच के लिए वहां पहुंच गए थे। हालांकि आग से नुकसान कितना हुआ और यह हादसा कैसे हुआ यह तो फिलहाल जांच का विषय है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
रात का समय था तो पहुंच गई फायर ब्रिगेड
मीरकला बाजार में हुई आगजनी की घटना ने एक बार फिर शहर के हालातों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाया है। क्योंकि जहां यह घटना हुई वह शहर का संकरा मार्ग है, जिसके पास बोहरा समाज की मस्जिद भी है। यहां चार पहिया वाहन के आ जाने से प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है। शनिवार रात के बजाए यदि यह हादसा दिन में होता तो इस पर काबू पाना काफी मुश्किल हो जाता और हादसा भयावह हो सकता था। बता दें कि गत दिनों दिल्ली के रहवासी इलाके में स्थित एक कारखाने में भी आग लगी थी जहां कई लोग मौत के मुंह में समा गए थे। क्योंकि वहां फायर ब्रिगेड के पहुंचने के लिए सकरे रास्ते के अलावा कोई चारा ही नहीं था।
हमने मौके पर पहुंचकर जांच की है। जांच में सामने आया है कि संचालक ने बकायदा परमिशन ली हुई थी, लेकिन रहवासी क्षेत्र में अब बैकरी संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही रहवासी या संकरे स्थानों पर संचालित होने वाली ऐसी दुकानों या कारखानों की जांच की जा रही है, जिन्हें बंद कराया जाएगा।
- यूएस मरावी, एसडीएम-शाजापुर