
New wardens will be held in hostels from the new education session
उमरिया. राज्य शिक्षा केन्द्र के सभी सात हॉस्टलों का स्तर सुधारने और बालिकाओं की शैक्षणिक सुविधा बढ़ाने के लिए सभी वार्डेन बदली जा रहीं हैं। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे वर्षों से जमी महिला वार्डेनों में सनसनी सी व्याप्त है। शासन के निर्देशानुसार उन वार्डेनों को हटाया जाना है जो तीन वर्षों से एक ही हॉस्टल में जमे हैं। राज्य शिक्षा केन्द्र के अधीन बालिका छात्रावास हैं। जिनमे माध्यमिक स्तर की छात्राएं रहकर अध्ययन करतीं हैं। यहां महिला वार्डंन हैं। बताया गया कि यहां कुछ हास्टल तो ऐसे हैं। जहां 10 वर्षों से वार्डन जमी हुई है। सभी हॉस्टलों में रखरखाव का स्तर कमजोर था और अक्सर शिकायतें भी बनी रहतीं थीं। इसके अलावा हाल ही कलेक्टर ने भी हॉस्टलों का मौका मुआयना कर जिला शिक्षा केन्द्र व ट्रायबल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि हॉस्टलों का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जाए। और बच्चों को हॉस्टल में घर जैसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए। ज्ञातव्य है कि जिले में संचालित हॉस्टलों की दुर्दशा है। वार्डनों द्वारा बच्चों की सुविधाओं का समुचित रूप से ध्यान नहंी रखा जाता है।
जिले में राज्य शिक्षा केन्द्र के 4 बालिका छात्रावास और 3 कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास संचालित है। इनमें कुल 8 सौ की 7वी तथा 8 वीं कक्षा की बालिकाएं निवास करती हैं। इनमें घुनघुटी तथा कौडिय़ा के हास्टलों में 150-150 बालिकांए है, जबकि अन्य में 100-100 बालिकाएं हैं। इनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र प्रयासरत है और सुविधाएं भी दे रहा है, लेकिन उसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं होता और यहां वर्षों से स्थितियां एक जैसी बनी हुई हैं। बताया गया कि सभी हॉस्टलों में बालिकाओं केे लिए स्कूलों के अतिरिक्त समय में कोचिंग की सुविधा की जा रही है। ताकि उन्हे पढ़ाई में सहूलियत हो और उनकी विषयवार कठिनाइयां दूर हो सकें।
बताया गया कि पाली, तामन्नारा, बेलसरा के हॉस्टलों की वार्डनें 9-10 वर्षों से उसी जगह पर जमी हुईं हैं। इसके अलावा अन्य 4 हॉस्टलों की भी वार्डेन 3-3, 4-4 साल से जमी हैं। उनका न तो स्थानांतरण हुआ न प्रभार बदला। इसलिए हॉस्टलों में एक जैसा माहौल बना हुआ है। बालिकाओं को नई शैक्षणिक व खेलकूद की गतिविधियों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
निर्देशों के परिपालन मेंं जिला शिक्षा केन्द्र ने प्रभार बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में महिला शिक्षिकाओं से सहमति मांगी गई है। इनमें 3 हॉस्टलों के लिए सहमति मिल गई है। शेष के लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन मंगाए जा रहे हैं। इन आवेदनों पर एक बैठक के दौरान निर्णय लिया जाएगा। इस तरह नए शिक्षा सत्र से इन हॉस्टलों में नई वार्डन व्यवस्था सम्हालेंगीं।
इनका कहना है
राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश के परिपालन में हास्टल वार्डनों के प्रभार बदलने की प्रक्रिया शुरू है। नए सत्र से हॉस्टलों में सुविधाएं बढ़ेंगी और बालिकाओं को घर जैसा माहौल देने का प्रयास किया जाएगा।
सुशील मिश्रा, डीपीसी, जिला शिक्षा केन्द्र, उमरिया

Published on:
03 Jun 2018 05:21 pm

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