
Intenational Conference on Digital Media held By G.D Goenka University
जी.डी गोयनका यूनिवर्सिटी के 'द स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन' की ओर से विगत 5 और 6 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय डिजिटल मीडिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में मोबाइल तकनीक के साथ मीडिया द्वारा कंटेंट के निर्माण और वितरण की नई परिभाषा पर चर्चा की गई।
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन डॉ.स्टीफन क्विन (संस्थापक एवं प्रिंसिपल, मोजो मीडिया इनसाइट्स), राजेश कालरा (मुख्य संपादक, टाइम्स ग्रुप डिजिटल) और प्रो. (डॉ.) दीपेंद्र कुमार झा (वाइस चांसलर, जी.डी गोयनका यूनिवर्सिटी) द्वारा किया गया।
कॉन्फ्रेंस में जाने माने मीडिया संस्थानों के प्रमुख और डिजिटल मीडिया के विशेषज्ञों के साथ मीडिया जगत की अन्य प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का पारंपरिक मीडिया पर प्रभाव और इसकी भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किया।
डॉ.स्टीफन क्विन ने अपने संबोधन में कहा, 'हम जिस प्रकार से कंटेंट की खपत कर रहे हैं, वह प्रक्रिया लगातार बदल रही है और कई सारी स्क्रींस पर ये बेहद तेज गति से बदल रही है और नई उभर रही मोबाइल तकनीक ने इसमें एक नई क्रांति ला दी है। भारत एक युवा राष्ट्र है और हमने देखा है कि यहां पर युवा कैसे इस संचार एवं संवाद क्रांति का केन्द्र बने हुए हैं और वे सामाजिक विकास के लिए सोशल मीडिया का उपयोग और संचालन कर रहे हैं।'
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. दीपेंद्र कुमार झा ने कहा, 'इस सम्मेलन के माध्यम से हमारा उद्देश्य है कि हमारे छात्रों में इस बात पर चर्चा की शुरुआत की जाए कि कैसे मीडिया बदल रहा है और ये हमारे जीवन, सोच और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को बदलते हुए इस पर किस प्रकार से प्रभाव डाल रहा है?
देश के बड़े मीडिया संस्थानों के पत्रकार रहे शामिल
सम्मेलन में उपस्थिति जाने माने प्रवक्ताओं में राजेश कालरा मुख्य संपादक, टाइम्स ग्रुप डिजिटल, संजय मेहरा हैड, मल्टीमीडिया, एएनआई, नंदगोपाल राजन, संपादक, न्यू मीडिया, इंडियन एक्सप्रेस ऑनलाइन, भवनीत अरोड़ा, एसोसिएट एडीटर, इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल, इत्यादि शामिल रहे।
मोबाईल जर्नलिज़म पर वर्कशॉप
सम्मेलन के बाद दो दिवसीय कार्यशाला में हिंदोस्तान टाइम्स, द मिंट, नेटवर्क 18, बिजनेस स्टैंडर्ड और न्यूज मोबाइल से 20 पत्रकारों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यशाला का संचालन प्रो. स्टीफन क्विन ने किया जो विश्व में मोबाइल पत्रकारिता में सबसे प्रमुख नाम हैं। इस वर्कशॉप में शामिल पत्रकारों को ये जानने में मदद मिली कि कैसे वीडियो स्टोरीज को मोबाइल फोन को एक डिवाइस के तौर पर उपयोग करते हुए शूट, एडिट और ट्रांसमिट किया जा सकता है।
मीडिया एजुकेशन में उपलब्ध कोर्स
जी.डी गोयनका यूनिवर्सिटी (जीडीजीयू) के 'द स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन' की ओर से इस समय बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) और मास्टर ऑफ आर्ट्स (एम.ए.) इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, मास्टर ऑफ आर्ट्स (एम.ए.) इन सोशल मीडिया एंड मीडिया मैनेजमेंट, पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट एंड सोशल मीडिया मार्केटिंग पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
जी.डी गोयनका यूनिवर्सिटी (जीडीजीयू) को 2013 में स्थापित किया गया था और यूनिवर्सिटी ने भारतीय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक युग का सूत्रपात किया है। नए दौर की यूनिवर्सिटी पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाते हुए विभिन्न विषयों पर शिक्षण और अनुसंधान पर ध्यान केन्द्रित कर रही है।
Published on:
08 Apr 2016 02:58 am
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