
लड़कियां स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करेंगी, साथ ही अकेले फोन पर बात भी नहीं करेंगी। इस तरह का फरमान जारी किया है मुजफ्फरनगर के जानसठ ब्लॉक के रटौढ गांव की जाट महासभा की पंचायत ने। पंचायत ने इस तरह का फरमान जारी कर फिर से नया विवाद पैदा कर दिया है।
जाट महासभा की पंचायत का मानना है कि स्मार्टफोन गांव में परिवारों के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। इसलिए इसके मिसयूज को रोकना जरूरी है। पंचायत के दौरान कई लोगों का कहना था कि लड़कियां स्कूल जाती है, लोगों से फोन पर बात करती है और इससे परेशानी पैदा होती है।
उनका कहना है कि बारहवीं कक्षा तक लड़कियां अपरिपक्व होती है, ऐसी में उनके स्वच्छंद होने की पुख्ता संभावना होती है। इसलिए लड़कियों का ध्यान रखने के लिए सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है। पंचायत का कहना है कि टीवी और फिल्में डर्टी स्टफ परोस रहे हैं, हम मोबाइल फोन के खिलाफ नहीं है, बल्कि हम उसके मिसयूज को रोकना चाहते हैं।
ऐसा पहली बार नहीं है कि पश्चिम उत्तरप्रदेश में इस तरह का विवादास्पद मामला आया हो, पहले भी विलेज काउंसिल ने मुजफ्फर नगर और सहारनपुर में जींस और टी-शर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगाया था। 2011 में खाप पंचायत ने महिलाओं के जींस पहनने को यह कहकर बैन किया था कि यह ईव-टीजिंग को बढ़ा रहा है। और अब स्मार्ट फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाकर नया विवाद पैदा कर दिया है।
Published on:
27 Jun 2016 07:14 am
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