शोधकर्ताओं ने पहले एक ऐसा यूरिन सेंसर बनाया था, जिसे डाइपर में लगाना बहुत मुश्किल था। इस सेंसर में ऐसा रसायन था, जो इंसानों के लिए असुरक्षित हो सकता था और इसकी बैटरी में लगने वाला समय सुनिश्चित नहीं था। जानकारी के अनुसार नया डाइपर सेंसर इन सभी समस्याओं का निवारण करता है क्योंकि इसमें लगी बैटरी मूत्र से संचालित होती है। ये बैटरियां विद्युत माध्यम से संचालित हैं। बैटरी को एक छोटे संधरित्र (कैपसिटर) से जोड़ा गया है, जो पैदा हुई बिजली को संग्रहित कर रख सकता है। इसके अलावा एक ट्रांसमीटर लगा है, जो 16 फुट दूर तक मौजूद किसी रिसीवर को संकेत दे सकता है।