
सरकारी स्कूलों की जमीनों पर प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर रखे हैं। इन्हें हटाने के लिए जनप्रतिनिधि कई बार जिला अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्कूलों से अतिक्रमण नहीं हट पाए। कई स्कूलों की जमीन पर लोगों ने बाड़े बना दिए तो कई ने मंदिर तक बना दिए हैं। अतिक्रमण को लेकर जिला परिषद की बैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को उठाया तथा जिला शिक्षा अधिकारी से सवाल किया कि जिले की कितनी स्कूलों पर अतिक्रमण हो रखा है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि करीब 105 विद्यालयों की जमीन पर अतिक्रमण है।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रामेश्वर प्रसाद जीनगर ने बताया कि स्कूल के संस्था प्रधान, सरपंच-सचिव से लेकर तहसीलदार, एसडीएम, जिला कलक्टर, विधायक, मंत्री तक को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटे। शिक्षा विभाग के अनुसार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की जमीनों पर सर्वाधिक अतिक्रमण कोटड़ी व जहाजपुर ब्लॉक में हैं। कोटड़ी में 29 व जहाजपुर में 17 अतिक्रमण के मामले हैं। इसके बाद मांडलगढ़ व शाहपुरा ब्लॉक में 10-10 स्कूल की जमीन अतिक्रमण की जद में हैं। इसी तरह आसींद व हुरड़ा में 8-8, सुवाणा 2, बनेड़ा 3, सहाड़ा 5, करेड़ा 6 तथा मांडल ब्लॉक में 7 स्कूलों की भूमि पर अतिक्रमी काबिज हैं। मांडल विधायक उदयलाल भडाणा ने जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था। उनके सवाल के जवाब में यह जानकारी सामने आई थी।
स्कूल परिसर में बना दिया मंदिर
शाहपुरा ब्लॉक में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गाडरी खेड़ा अरनिया रासा में भगवान देवनारायण का मंदिर बना दिया गया। इस स्कूल की 0.25 हैक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है।
स्कूल की जमीन पर एनीकट
कोटड़ी ब्लॉक में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़लियास की जमीन पर तीन बीघा में सरकारी एनीकट बना दिया। जहाजपुर ब्लॉक में राजकीय प्राथमिक विद्यालय अभयपुर की जमीन पर गोलछा ग्रुप ने अतिक्रमण कर रखा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से लेकर प्रशासन गांवों के संग, जनसुनवाई शिविरों में भी की गई। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। इसी प्रकार जहाजपुर ब्लॉक में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ब्रज की डूंगरी में 5 बीघा जमीन पर पूर्व प्रिंसीपल किशनलाल मीणा का दस साल से कब्जा है। प्रशासन ने एक बार कब्जा हटवाया फिर दुबारा कर लिया।
जिला कलक्टर को लिखा पत्र
सरकारी स्कूलों की जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व जिला कलक्टर को पत्र लिखा है। सभी संस्था प्रधानों को भी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए है।
- डॉ.रामेश्वर प्रसाद जीनगर, एडीपीसी
Published on:
16 May 2025 11:11 am
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
