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अदालत के आदेश पर एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह और उसके दोस्त ग्राम प्रधान संजय को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके खिलाफ मृतका की मां लगातार बयान दे रही थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस संबंध में डीएम और एसपी को भी शिकायती पत्र दिया गया था। पूर्व ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी के संबंध में कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दोनों की गिरफ्तारी हुई है पूर्व में दर्ज मुकदमे में ही दोनों के नाम बढ़ाया गया है। पूर्व ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी दलित किशोरी की हत्या मामले में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
बीते 8 दिसंबर 2021 को सदर कोतवाली क्षेत्र के हरदोई पुल से एक दलित युवती का अपहरण कर लिया गया था। 9 दिसंबर को अपहृत युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने 10 को गुमशुदगी दर्ज की थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 24 फरवरी को अखिलेश यादव की कार के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास करने के बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद भी पुलिस में लापरवाही का दौर जारी रहा। 25 जनवरी 2022 को पुलिस ने मुख्य आरोपी राजोल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन 9 फरवरी 22 तक उससे कुछ भी नहीं उगलवा सकी। 10 फरवरी 22 को पुलिस ने प्रज्वल सिंह के पिता पूर्व सपा नेता स्वर्गीय फतेह बहादुर सिंह के दिव्यानंद आश्रम के बगल के खाली प्लाट से दलित युवती का शव बाहर निकाला था।
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पुलिस की उदासीन बनी रही
मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पर आया। इसके बाद भी पुलिस मामले को लेकर उदासीन बनी रहे। कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ित परिवार को राहत मिली। जब रजौल सिंह के भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह और काशीराम कॉलोनी के ग्राम प्रधान संजय को एसओजी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि रजौल सिंह और उसका दोस्त सूरज सिंह पहले से ही जेल में बंद है। सदर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पहले से दर्ज मामले में ही नाम बनाया गया है। कोर्ट के आदेश से दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
Published on:
18 Mar 2022 09:47 am

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