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भारत सरकार द्वारा टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 की मदद

प्राइवेट डॉक्टर से उपचार कराने वाले मरीजों को भी मिलेगी मदद, 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य  

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भारत सरकार द्वारा टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 की मदद

भारत सरकार द्वारा टीबी मरीजों को प्रतिमाह 500 की मदद

उन्नाव. विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा घोषित 2035 तक टीबी मुक्त विश्व बनाने की तुलना में भारत ने 2025 तक टीबी बीमारी को जड़ मूल से खत्म कर देने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक के दौरान यह लक्ष्य निर्धारित किया है। जिस पर काम भी शुरू हो चुका है।इसके लिए जनपद में 175 टीमों का गठन किया गया है प्रत्येक टीम में तीन तीन सदस्य हैं इन टीमों निगरानी के लिए 40 टीम सुपरवाइजर भी लगाए गए हैं इसके साथ ही 18 चिकित्सा अधिकारी ब्लॉक स्तरीय परीक्षण के लिए तैनात किए गए हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उक्त विचार व्यक्त किया।


175 टीमें जनपद में होंगी सक्रिय

उन्होंने कहा कि जनपद की 407280 जनसंख्या को कवर करने का लक्ष्य बनाया गया है। चिन्हित स्थानों पर टीम के सदस्य घर-घर जाकर टीबी मरीजों का बलगम एकत्र करेंगे और उनकी जांच कराएंगे जांच के उपरांत पॉजिटिव पाए गए मरीजों का उपचार नियमानुसार किया जाएगा। अब दवाइयां रोज दी जाती हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के प्रथम चरण में जनपद के सभी विकासखंडों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है।


48 घंटे के अंदर मिलेगी दवा

सभी ब्लॉकों में मार्किंग भी कराई जा रही है। ताकि अधिक से अधिक जन जागरूकता किया जा सके और क्षय रोग के विषय में लोगों को मालूम हो इसके साथ ही सभी विकासखंडों में लोक कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जा रहा है। जनपद में समुचित मात्रा में अवसर दवाइयां उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के प्रथम चरण में आने वाले मरीजों को 48 घंटे के अंदर उपचार शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मरीजों को सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर द्वारा जांच उपलब्ध कराई जाएगी।

प्राइवेट डॉक्टर के टीवी पेशेंट मिलेगा लाभ


डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से टीबी के प्रत्येक मरीज को ₹500 प्रतिमाह की धनराशि दी जा रही है। जो डीबीटी के द्वारा सीधे मरीजों के खाते में जाएगा। उन मरीजों को भी ₹500 प्रतिमाह का लाभ मिलेगा जो प्राइवेट रूप से अपना इलाज करा रहे हैं। प्राइवेट डॉक्टर जो टीवी पेशेंट का उपचार कर रहे हैं, इस संबंध में मरीज को जानकारी दें और शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने में मदद करें। अन्यथा उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टर आर के गौतम, डॉ नरेंद्र सिंह, के पी सिंह, विनोद कुमार यादव, डी एन मिश्रा शिवचंद आदि लोग मौजूद थे।

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