
क्रिसमस डे और ईसाई धर्म पर इस नेता ने दिया विवादित बयान, कहा- मानसिक गुलामी से बाहर निकले हिन्दू समाज
उन्नाव. मिशनरी स्कूलों में हिंदू देवी-देवताओं के त्योहारों को मनाए जाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। हाथों में राखी बांधने मेहंदी व तिलक लगाने से बच्चों को रोका जाता है। ऐसे मिशनरी स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाकर उनकी नींव को मिशनरी या इसाई बनाने के लिए मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में अपने बच्चों को मिशनरी स्कूल में ना भेजें। जो देश के संस्कृति पर चोट कर रहे हैं। हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री व प्रभारी विमल द्विवेदी ने उक्त विचार व्यक्त किए हैं। हिन्दू जागरण मंच द्वारा समस्त हिन्दू समाज से अपील की गयी कि जिन मिशनरी स्कूलो में रक्षाबन्धन पर राखी बांधने, मेंहदी व तिलक लगाने पर प्रतिबन्ध लगाया जाता है। ऐसे विद्यालयों में जहां हिंदू त्योहार मनाने पर रोक लगाई जाती है। ऐसे स्कूलों में बच्चों को भेजना बंद कर दें। उन्होंने आगामी 25 दिसंबर को हिंदुओं से अपने-अपने घरों में तुलसी की पूजा करने की अपील की है।
ऐसे स्कूल में अपने बच्चों को ना भेजें
वहाँ अपने बच्चो को क्रिसमस मनाने के लिए न भेजें। क्योकि इन स्कूलो मे ईसाई बनाने की नींव बच्चों का ब्रेन वास कर डाली जाती है। प्रान्तीय मन्त्री व प्रभारी विमल द्विवेदी ने हिन्दू परिवारों व अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि हम अक्सर सुनते रहते हैं कि ईसाई कान्वेंट स्कूल हिन्दू बच्चों पर धर्म के नाम पर अत्याचार करते हैं। रक्षाबंधन की राखी हिन्दू बच्चों के हाथ से खुलवा देते हैं, तिलक मिटवा देते हैं, कोई हिन्दू लड़की मेंहदी लगाकर चली जाए तो उसे यातनाएं दी जाती हैं। इसके बाद भी वह अपने बच्चों को ऐसे विद्यालयों में भेजते हैं।
25 दिसंबर को करें तुलसी की पूजा
हर हिन्दू त्योहार के बाद इस तरह की खबरें देश में आती ही है कि इसाई स्कूलों द्वारा हिन्दू बच्चों पर हिन्दू त्योहार मनाने को लेकर भीषण अत्याचार किये जाते है। पर यही कान्वेंट और ईसाई स्कूल हिन्दू बच्चों पर ईसाइयत, जीजस और क्रिसमस के त्योहार जरूर थोपते है। ये ईसाई स्कूल चाहते हैं कि हिन्दू बच्चे रक्षाबंधन न मनाये इसके साथ ही कोई हिन्दू त्यौहार न मनाएं। पर जीजस को भगवानं जरूर बताएं, क्रिसमस जरूर मनाएं। हिन्दू जागरण मंच हिन्दू बच्चों पर ईसाइयत थोपे जाने का कड़ा विरोध करता है और मिशनरीज स्कूलों को इससे बाज आने की चेतावनी देता है। द्विवेदी ने हिन्दू समाज से अपील करते हुए कहा कि गत वर्ष की भांति 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन दिवस के रूप मनाएं।
Published on:
24 Dec 2017 09:07 am

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