यात्रियों की सुरक्षा करने के लिए स्कार्ट में शामिल सिपाहियों को भारी भरकम बंदूकें दी गई हैं। विपरीत परिस्थितियों में इन बंदूकों से ट्रेन की भीड़भाड़ में त्वरित कार्रवाई कर पाना संभव नहीं हो पाता था और इतनी देर में लुटेरे, चोर बदमाश को अपनी रणनीति को अंजाम देने का समय मिल जाता था। इन समस्याओं को देखते हुए लखनऊ मुख्यालय ने स्कार्ट ड्यूटी पर चलने वाले सिपाहियों को पिस्टल मुहैया कराने का फैसला लिया है। इन पिस्टल को चलाने के लिए बारी बारी से सिपाहियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके लिए उन्नाव जीआरपी थाने से भी सात सिपाही इस ट्रेनिंग का हिस्सा बनने के लिए लखनऊ के लिए रवाना हुए।