उन्नाव. सुपारी किलर के बिचौलियों को पकड़ कर पुलिस ने पूर्व प्रधान की हत्या का खुलासा किया। इसके पूर्व सुपारी किलर को गंगाघाट थाना पुलिस पहले ही एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत जेल में भेज चुकी है। क्षेत्राधिकारी नगर ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आज सुबह 30 जनवरी की सुबह 3 बजकर 10 मिनट पर दही चौकी पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी। जब संदिग्ध रूप से जा रहे दो बाइक सवारों में से एक ने रोकने पर पुलिस बल पर फायरिंग कर दिया। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से 32 बोर कैपिटल समाचार तमंचा बरामद किया है। क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि पकड़े गए बिचौलियों से मिली जानकारी के आधार पर पकड़े गए सुपारी किलर से भी पूछताछ की जाएगी।
पकड़े गए दोनों बिचौलिया
क्षेत्राधिकारी नगर स्वतंत्र सिंह ने बताया कि आज 30 जनवरी की सुबह तीन बजकर दस मिनट पर दही चौकी पुलिस गश्त पर थी। उसी समय पूरवा मोड़ के निकट बाइक सवार दो युवक संदिग्ध रूप में दिखाई पड़े। पुलिस द्वारा रुकने के इशारे पर पीछे बैठे युवक ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। फायरिंग से सतर्क हुई पुलिस ने अपने को बचाते हुए दोनों ही बाइक सवारों को धर दबोचा। पूछताछ पर एक ने अपना नाम नीरज यादव पुत्र सियाराम यादव निवासी दरोगा खेड़ा थाना अचलगंज और रामजी यादव पुत्र आत्माराम यादव निवासी आवास विकास कॉलोनी कोतवाली सदर उन्नाव शामिल है। पकड़े गए अभियुक्तों मैं नीरज यादव के पास से 315 बोर का चार तमंचा और चार जीवित कारतूस बरामद हुआ। जबकि रामजी यादव के पास से 32 बोर का एक पिस्टल, जीवित कर एक कारतूस व खोखा बरामद हुआ। जो पुलिस बल पर फायरिंग से निकला था। क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ सदर कोतवाली में आईपीसी की धारा 307 व आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
प्रधान मनोज यादव की हत्या की सुपारी की बात स्वीकार की
क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि अभियुक्तों ने कड़ी पूछताछ के दौरान बताया कि वह सुपारी किलिंग के मामले में बिचौलिया का काम करते हैं। इस मामले में अजय पटेल पुत्र राजकिशोर और सत्यपाल लोध पुत्र नेहरू निवासी टीकर खुर्द थाना पुरवा सुपारी किलिंग का काम करते थे। जिसमें अजय पटेल को गंगाघाट थाना पुलिस पहले ही एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पकड़े गए बिचौलिए अभियुक्तों से मिली जानकारी के आधार पर अजय पटेल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जिसके खिलाफ 14 मुकदमा पंजीकृत है। स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि विगत 7 जनवरी 2017 को बीघापुर थाना अंतर्गत घाटमपुर खुर्द निवासी प्रधान मनोज यादव की हत्या हुई थी। जिसमें 120 बी के अंतर्गत मुन्ना दीक्षित और उनका लड़का मुलजिम बने थे। इधर मनोज यादव के भाई ने मुन्नार दीक्षित या उनके लड़के की हत्या करने के लिए 25,000 की टोकन मनी अजय पटेल को दी गई थी। यह सौदा ₹100000 में तय हुआ। परंतु घटना को अंजाम देने के पहले ही अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में आ गए। जिससे 2 लोगों की जान बच गई। उन्होंने बताया कि पुलिस आगे भी पूछताछ करेगी।