
यूपी एसटीएफ को मिली सफलता - सलीम, रुस्तम, सोहराब गैंग का दो शूटर गिरफ्तार
उन्नाव. स्पेशल टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश ने सलीम, रुस्तम, सोहराब गैंग के दो कुख्यात सूटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। दोनों शूटर गैंग के विरोधी बन चुके दो अन्य शूटर की हत्या की सुपारी लेने के बाद हत्या करने जा रहे थे। जनपद सीमा में मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने दोनों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों में आमिर खान उर्फ कालिया पुत्र नासिर खान निवासी एलडीए कालोनी, बावली चौकी के पास थाना सहादतगंज लखनऊ, अलीम हाशमी पुत्र सगीर आलम निवासी 355/414 एफ-ब्लाक, राजाजीपुरम, पानी की टंकी मुहल्ला थड़ी थाना तालकटोरा, लखनऊ शामिल है। जिनके पास से एसटीएफ टीम ने 03 अदद तमन्चा 315 बोर, 03 अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर, 01 अदद खोखा कारतूस 315 बोर, 01 अदद टीवीएस बाईक यूपी 32 KN 1751,1 अदद मोबाईल फोन, रू0 180/-नगद बरामद किया है।
सोहरामऊ थाना क्षेत्र में किए गए गिरफ्तार
घटना के संबंध में एसटीएफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि विगत कई दिनों से लखनऊ शहर में अवैध वसूली वह लोगों को डरा धमका कर रंगदारी मांगने की घटनाओं की जानकारी मिल रही थी। जिसमें सलीम, रुस्तम, सोहराब गैंग के सदस्यों का हाथ था। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने सोहरामऊ थाना क्षेत्र के बजेहरा के निकट मुठभेड़ में दोनों को गिरफ्तार किया है। जो सलीम के कहने पर अमान व यासिर निवासी कैंपबेल रोड लखनऊ की हत्या करने जा रहे थे। असलहा व कारतूस लेने के लिए अलीगंज, एटा भेजा गया था। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ निरीक्षक अरुण कुमार सिंह अपनी टीम के साथ लखनऊ बंथरा क्षेत्र के बनी पहुंच गए। जहां मुखबीर ने बाइक से जा रहे दो सवारों को सलीम गैंग का शूटर बताया। जिसके बाद पुलिस ने दोनों की घेराबंदी कर सोहरामऊ थाना क्षेत्र में रुकने का इशारा किया।
मुखबिर ने की सूटर की पहचान
पुलिस को देखकर बाइक सवार भागने का प्रयास किया। लेकिन जल्दी बाजी में उनकी मोटरसाइकिल से स्लीप गई और गिर पड़े। जिसके बाद उन्होंने पुलिस पर फायरिंग भी की। लेकिन निशाना चूक गया। इसी बीच हमराही सिपाहियों ने शूटर को कोई अन्य मौका ना दें दबोच लिया। पकड़े गए शूटर ने अपने विषय में पूरी जानकारी दी। पूछताछ के दौरान पकड़े गए शूटर ने बताया कि अमन व यासिर को सलीम ने जेल बुलाकर पैसे की मांग की थी। जिसे पहले उन्होंने देना स्वीकार किया। बाद में देने से इंकार कर दिया।
पैसा देने से इंकार करने पर बनाई हत्या की योजना
जिसके बाद सलीम ने यासिर व अमान को मारने के लिए मुझे भेजा था। जेल में बंद फौजी नाम के अपराधी ने अपनी पत्नी के भाई बृजेश के पास अलीगंज एटा असलहा व कारतूस लेने के लिए भेजा। वह उन्नाव स्थित अपने साथी से मिलने के बाद अमन व यासिर का काम तमाम करने की योजना थी। सोहरामऊ थाना में पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307/34 व आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
Published on:
11 May 2019 10:23 am
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