कड़ाके की ठंड में जब अफगानिस्तान, चीन, मंगोलिया, युरोप, लद्दाख, आदि स्थानों में बर्फ की चादर बिछ जाती है। पंक्षियों को खाने व रहने की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जाती है तब ये पंक्षियां भारत की तरफ का रूख करती है। अक्टूबर से फरवरी मार्च तक विदेषी नवाबगंज में मेहमान के रूप में इठलाती-मचलाती भारतीय पर्यटकों का मन मोहती है। जो हिमालय पर्वत को पार कर आती है।