
उन्नाव. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। मानदेय के साथ अन्य सुविधाओं में वृद्धि की मांग को लेकर कलमबंद हड़ताल के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी है। इससे कुपोषित बच्चे का वजन कार्यक्रम भी खासा प्रभावित हुआ है।
प्रशासनिक अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी के कारण कार्यकत्रियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कह रहे हैं, लेकिन आंगनबाड़ी महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि तालाबंद केन्द्रों की सूची बनायी जा रही है, इसके बाद उन पर कार्यवाही की जायेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं पूरी होंगी, वह किसी भी सूरत में अपने कदम पीछे खींचने का तैयार नहीं है। उनका कहना है कि हम कोई भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने झाड़ी शाह बाबा के पास प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
200 से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों में हुआ कार्य प्रभावित
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के धरना व हड़ताल के कारण जनपद के सैकड़ों केद्रों में ताला लटक गया। इससे वजन दिवस भी प्रभावित रहा। शासन द्वारा कुपोषित बच्चों के वजन के लिये मंगलवार का दिन निश्चित किया था। परंतु आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के हड़ताल के कारण वजन कार्य नहीं हो सका। इसके साथ अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा- होगी कार्यवाही
जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद त्रिपाठी ने बताया कि जनपद में 1771 आंगनवाड़ी केद्र संचालित हैं, जिनमें से 1537 केंद्रों पर वजन कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। उन्होंने बताया कि 234 आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन कार्य प्रभावित हुआ है। शहर के 36 आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी रही। इस दौरान लगभग 1,95, 405 बच्चों के वजन का लक्ष्य रखा गया था, परंतु हड़ताल के कारण लक्ष्य प्रभावित रहा। उंन्होंने कहा कि वजन दिवस के दिन ताला बंद करने वालें केन्द्र पर कार्यवाही की जायेगी।
झाड़ी शाह बाबा में जमकर हो रही नारेबाजी
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना लगातार जारी है। शासन द्वारा चेतावनी देने के बाद भी उन्होंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। इस सम्बंध बातचीत करने पर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की मंत्री सुधा अवस्थी ने बताया कि 22 अक्टूबर से उनका धरना चल रहा है। गिरीश पाण्डेय के नेतृत्व में हो रहा अनिश्चित कालीन धरना उनकी मांगें पूरी होने तक चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि विगत 2016 में हड़ताल से आठ सौ रुपये बढ़े थे।
मांगें न पूरी होने तक हड़ताल पर रहेंगी आंगनबाड़ी
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की मंत्री सुधा अवस्थी ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी, वजन दिवस, पोलियो दिवस सहित अन्य कार्यक्रमों का आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहिष्कार करेंगी।
इन मांगों लेकर हड़ताल पर आंगनबाड़ी
- राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए, पीएफ मिले
- अब तक के बकाया पीएफ की भुगतान हो
- हर साल 30 दिन का चिकित्सा अवकाश दिया जाए
- कार्यकत्रियों का न्यूनतम मानदेय 18000 और सहायिकाओं का न्यूनतम मानदेय 9000 हजार रुपये किया जाए।
- पोषाहार की आपूर्ति बंद कर खाते में पैसा भेजा जाए।
वीडियो में देखें- लखनऊ में आंगनबाड़ी महिलाओं ने जब किया प्रदर्शन, पुलिस ने जमकर भांजी लाठियां
Updated on:
25 Oct 2017 04:25 pm
Published on:
25 Oct 2017 04:19 pm

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