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फर्जी शपथ पत्र देने के जुर्म में ग्राम प्रधान को हुई जेल

उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रधान के खिलाफ हुई कार्रवाई.

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Crime

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उन्नाव. चुनाव के दौरान अपने आप को पाक साफ बताने वाले सजायाफ्ता मुलजिम वर्तमान ग्राम प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अदालत से सजायाफ्ता वर्तमान ग्राम प्रधान हाईकोर्ट से मिली जमानत पर खुलेआम घूम रहा था। गांव का ही विरोधी खेमा वर्तमान ग्राम प्रधान के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण पहुंच गया। उच्च न्यायालय ने अहम सुनवाई करते हुए वर्तमान प्रधान के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए। उच्च न्यायालय के आदेश पर क्षेत्राधिकारी ने बारा सगवर थाना पुलिस को कारवाई करने के निर्देश दिए। थाना पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान प्रधान के खिलाफ सन् 2000 में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। जिसका निर्णय 2002 में आया था। जिसमें न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई थी। विगत प्रधान के चुनाव में हाई कोर्ट से जमानत पर चल रहे प्रधान ने फर्जी दस्तावेज लगाकर चुनाव लड़ा और जीत गया। विरोधी खेमे ने प्रमाण सहित सामने आकर शिकायत की। जिसके आधार पर क्षेत्राधिकारी ने कार्यवाही का आदेश दिया। सजायाफ्ता वर्तमान प्रधान के जेल जाने से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

घर जलाने के आरोप में मिली थी सजा

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर बीघापुर विकासखंड की ग्राम सभा पिपरासर के प्रधान को थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार ग्राम सभा पिपरासर के निर्वाचित ग्राम प्रधान नरेंद्र कुमार ने वर्ष 2015 में अपने नामांकन शपथ पत्र में 2002 न्यायालय द्वारा मिली सजा को छुपाते हुए गलत सूचनाएं दी थी। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2002 में माननीय न्यायालय ने वर्तमान प्रधान नरेंद्र कुमार को गांव के ही रहने वाले रामकरण पुत्र जयकरण के घर में आग लगाने का दोषी पाया था। जिसमें रामकरण का पूरा घर जलकर खाक हो गया था। आगजनी की घटना में एक गाय की भी जलकर मौत हो गई थी। 2 साल चली अदालती कार्रवाई में अदालत ने 2002 में अपना निर्णय सुनाया और नरेंद्र कुमार को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा के साथ अर्थ दंड भी लगाया था। नरेंद्र कुमार सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय गए जहां से उसे जमानत मिल गई।

न्यायालय के आदेश पर जमानत पर घूम रहा था वर्तमान प्रधान

जमानत पर खुले आम घूम रहे हैं नरेंद्र कुमार ने विगत प्रधानी के चुनाव में दाखिल किए गए शपथ पत्र में माननीय न्यायालय द्वारा मिली सजा की जानकारी को छुपा लिया। निर्वाचन आयोग की किताब में कोई भी सजायाफ्ता व्यक्ति चुनाव लड़ने का अधिकारी नहीं हो सकता है। इसके लिए उसे शपथ पत्र देना पड़ता है। यहां नरेंद्र कुमार ने अपने शपथ पत्र में अपनी सजा की बात छुपाते हुए गलत हलफनामा देकर चुनाव लड़ा और जीत गए। बीघापुर विकासखंड के गांव पिपरासर गाँव के मजरे भागू खेड़ा निवासी राम शंकर शुक्ला पुत्र शिव बालक शुक्ला ने निर्वाचित ग्राम प्रधान के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की। माननीय न्यायालय ने सारे साक्ष्यों को सही पाते हुए वर्तमान प्रधान के खिलाफ 419 / 420 / 467 / 468 / 471 की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश पारित कर किया। बारासगवर थानाध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्राधिकारी के आदेश पर वर्तमान प्रधान के खिलाफ संगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है।

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