
बरेली। नगर निगम के निर्माण विभाग के जिन कर्मचारियों को सड़कों पर होना चाहिए, वे अवर अभियंता के आवासों में चूल्हा-चौका और बर्तन साफ कर रहे हैं। एक बेलदार दो साल से नगर निगम में और विभागों में झांका ही नहीं, वह सरकारी बेलदार घरेलू नौकर का काम करता रहा। सरकार से उनके खाते में मोटी तनख्वाह मिलती रही।
जेई के आवास पर लजीज पकवान बनाता रहा। परतें खुली तो सभी बेलदारों से पूछताछ शुरू हो गई। ये वो बेलदार है जिन्हें 35 से 50 हजार रपये प्रतिमाह वेतन मिलता है।
ताजा मामला पकड़ में आया है। नगर निगम अधिकारियों तक सूचना आई थी कि एक जेई को जो बेलदार सोनू निर्माण कार्य के लिए मिला है वो कभी विभाग के कार्य में नहीं आया। दो साल से बेलदार कहा है इस तक की सूचना किसी को नहीं थी। बेलदार हर माह वेतन लेता रहा। मामले की जांच पड़ताल शुरू हुई तो हकीकत अपने आप सामने आ गई। जमीनी काम के लिए तैनात सरकारी कर्मचारी घरेलू नौकर का काम कर रहे हैं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने इसकी जांच मुख्य अभियंता को दी। गुरुवार को सभी बेलदारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
नगर निगम की एक जेई को सोनू नाम बेलदार मिला है। जो उनके घर पर तैनात है। बेलदार सोनू ने बताया कि जेई के आवास पर ही काफी समय से तैनात हैं। वहां चौका बर्तन करते हैं। हमको नहीं मालूम क्या मामला है अधिकारियों ने पूछताछ के लिए बुलाया है।
बेलदारों से काम नहीं लिया जा रहा है। उन्हें अपने घरों में रखकर काम लिया जाता है। एक मामला आया है इसकी रिपोर्ट मांगी है।
संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
संबंधित विषय:
Published on:
25 Apr 2025 08:53 am
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
