
मदरसा शिक्षिका दिलशाद अफरोज ने कहा, तोहफे में नहीं मिली है देश को आजादी, इसके लिए हमारी कौम ने भी कुर्बानियां दी हैं
मऊ . पूरे देश भारतवर्ष की आजादी का 73वां स्वतंत्रता दिवस को बङी ही धूमधाम के साथ मना रहा है। आजादी के जश्न में हिंदू, मुस्लिम, सिख इसाई हर कोई है। स्कूलों से लेकर सभी सरकारी संस्थानों में तिरंगा भी फहराया गया। मदरसों में ध्वजारोहण के बाद छात्रों ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाया। यहीं छात्रों को संबोधित करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मदरसा की शिक्षिका ने कहा कि , देश कि आजादी लाल किले से तोहफे में नही मिली है इसके लिए हमारे कौम के हजारों लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं। इसलिए हमें शक की नजर से न देखा जाए।
जी हां नगर क्षेत्र के मदरसा तालीमुद्दीन में 73वां स्वतंत्रता दिवस बङे ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान आजादी का जश्म मनाने के लिए मुस्लिम छात्र और शिक्षक मन में देश प्रेम लेकर मदरसों में पहुचे। इसके बाद झंडारोहण कर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से वातारवरण को देशभक्ति मय बनाया।
तालीमुद्दीन मदरसा कालेज में मुख्य अतिथी के रुप में पहुचे मौलाना मुख्तार अहमद ने बताया कि जितनी धूमधाम से मऊ जिले में आजादी का जश्न मनाया जाता है उतना बड़ा जश्न कहीं और नहीं किया जाता।
वहीं तालीमुद्दीन मदरसा महिला कालेज की शिक्षिका दिलशाद अफरोज ने कहा कि आजादी की लङाई में हमारे समुदाय के लोगों ने भी अहम रोल अदा किया है। इसके बाद भी हमारे कौम के लोगों को दूसरी निगाह से देखा जाता है। इसलिए हम अपने छात्रों को इस आजादी के दिवस पर बस यही कहेगे कि देश की राजनीति में अपना अहम रोल अदा करने के लिए आगे आये। जिससे देश और कौम की तरक्की के लिए कुछ कर सके। क्योकि देश की आजादी लालकिले से तोहफे के रुप में नही मिली। इसके लिए सभी समुदाय के लोगों ने अपने जान की कुर्बानीयां दिया है।
Published on:
15 Aug 2019 02:46 pm

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