अयोध्या. राम जन्मभूमि व बाबरी मस्जिद विवाद के हल के लिए सिया बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। जिसके दाखिल होते ही मुस्लिम पक्षकारों में काफी नाराजगी रही। अयोध्या के इस मंदिर मस्जिद विवाद के हल के लिए बीते कई महीनों से सुलह समझौते की बात हिन्दू मुस्लिमों के बीच चल रही थी, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निलकला था।
यह भी पढ़ें- Photos: राजपाल यादव की बेटी की सहेलियां जीजा की झलक पाने के लिए दिखी बेताब
वसीम रिजवी के इस पहल से इस विवाद को नया पहल के साथ खड़ा कर दिया लेकिन मुस्लिम पक्ष के लोग ने इनके पहल को बेबुनियाद बताया। इस विवाद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि रिजवी सिया बोर्ड के चेयरमेन से पद से निकाल दिये गए हैं जिसके कारण रिजवी बौखलाए हुये है।
यह भी पढ़ें- राजपाल यादव की बेटी की शादी में दिखीं ये बड़ी-बड़ी हस्तियां, मुलायम के ये करीबी भी पहुंचे
वसीम रिजवी होते कौन है अगर उन्हे अपनी मस्जिद बनाना है तो लखनऊ में बनवाए तथा यह बाबरी मस्जिद का मसला अयोध्या में है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। कोई कार्य करने से इनको फायदा नहीं है। क्योकि इनके साथ में न सिया है न सुन्नी है। सिया में जीतने भी मौलाना है वह सब इनको दरकिनारा कर चुके है, इन्हे जो बनाना है वह यदि मस्जिद बनाना है तो लखनऊ में बनाये। इनसे बाबरी मस्जिद का कोई लेना देना नहीं है। तथा हाजी महबूब ने कहा कि रिजवी ने जो बयान नामा दाखिल किया है कोर्ट में व बेबुनियाद बाते कर रहा है । इस मामले में कोई पार्टी भी नहीं । वह सिर्फ अपने को जाहिर करने के लिए बयान बाजी कर रहा है जिससे मीडिया में आ सके । रिजवी न कोई मुस्लिम नेता है ना कोई पक्षकार है वह सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए कर रहे है ।