
Deputy CM Keshav Maurya and Bahubali leader
वाराणसी. सुप्रीम कोर्ट ने चार्टशीट के आधार पर नेताओं को चुनाव लडऩे पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इस मामले में संसद को कानून बनाने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से एक बार फिर बहस तेज हो गयी है कि आखिर इन नेताओं को चुनाव लडऩे से कौन रोक सकता है। पूर्वांचल की बात की जाये तो यहां पर माना जाता है कि जरायम की दुनिया से ही राजनीति में इंट्री आसान हो जाती है। ऐसे में मुकदमों की बात की जाये तो खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या पर भी मुकदमे दर्ज हैं।
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राजनेता से लेकर बाहुबली तक अपने उपर दर्ज मुकदमों को विरोधी दलों की साजिश मानते आये हैं। इस पर हमेशा से ही बहस होती रही है। इंडियन इलेक्शन वॉच के अनुसार पूर्वांचल के कई बड़े नेता व बाहुबली है जिस पर कई मुकदमे दर्ज हैं और अपने क्षेत्र के बड़े नेता माने जाते हैं। चुनाव में इन्हें हराना कठिन होता है। धनबल व बाहुबल के जरिए बाहुबली आराम से चुनाव जीत जाते हैं। हम पूर्वांचल के नेता व बाहुबलियों के बारे में बताते हैं जिन पर मुकदमे दर्ज हैं।
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या
फूलपुर से सांसद रहे व प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के उपर ११ मामले दर्ज है इसमे कई मुकदमों में गंभीर धारा भी लगी हुई है। डिप्टी सीएम कुछ मुकदमों से बरी भी हो चुके हैं लेकिन अभी कई मुकदमों का निर्णय आना बाकी है। केशव प्रसाद मौर्या पर दंगा भड़काने का भी आरोप है।
बृजेश सिंह
बाहुबली बृजेश सिंह के वर्ष 2012 में दिये गये हलफनामे के अनुसार ३० से अधिक मुकदमे दर्ज है जिसमे हत्या, लूट, अपरहण, रंगदारी मांगना आदि संगीन मुकदमे भी शामिल है। जेल में रहते हुए बृजेश सिंह ने 2012में सैय्यदराजा से चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव हार गये थे इसके बाद बृजेश सिंह 2016 में एमएलसी बने हैं। पूर्व में दिये गये हलफनामे के बाद से बृजेश सिंह कई बड़े मुकदमों से बरी हो गये हैं और माना जा रहा है कि इस साल जेल से भी बाहर आकर संसदीय चुनाव भी लड़ सकते हैं।
मुख्तार अंसारी
बाहुबली मुख्तार अंसारी वर्तमान में मऊ से बीएसपी के विधायक है। बाहुबली मुख्तार अंसारी पर 16 से अधिक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड के आरोप में मुख्तार लंबे समय से जेल में बंद है। माना जाता है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड ही ऐसा बड़ा मुकदमा है जो मुख्तार अंसारी को परेशान किया हुआ है। कई मुकदमों में मुख्तार अंसारी बरी हो चुके हैं।
विजय मिश्रा
भदोही के बाहुबली नेता विजय मिश्रा पर आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। भदोही की राजनीति में विजय मिश्रा का अपना दबदबा है। पहले सपा के टिकट से चुनाव जीतते आये थे बाद में निषाद पार्टी से भी चुनाव जीत चुके हैं। बीजेपी मंत्री नंद गोपाल नंदी पर हुए जानलेव हमले का आरोप भी विजय मिश्रा पर लगा हुआ है। भदोही में माना जाता है कि विजय मिश्रा को चुनाव हराना बेहद कठिन है भले ही वह निर्दल ही चुनावी मैदान मे उतर जाये।
रमाकांत यादव
आजमगढ़ में मुलायम सिंह यादव को चुनाव में टक्कर देने वाले बाहुबली रमाकांत यादव का जलवा किसी से कम नहीं है। रमाकांत यादव पर आधा दर्जन मामले दर्ज है जिनमे बेहद संगीन धाराएं लगी है। लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के टिकट से बाहुबली रमाकांत यादव फिर से चुनाव लडऩे की तैयारी में है।
बाहुबली विधायक सुशील सिंह
बाहुबली बृजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह खुद सैय्यदराजा से बीजेपी के विधायक है। बृजेश परिवार को राजनाथ सिंह का खास माना जाता है इसलिए चुनाव में परिवार के किसी ने किसी सदस्य को टिकट मिलता है। सुशील सिंह पर दो ही मुकदमे दर्ज हैं। कुछ माह पहले ही रामबिहारी चौबे हत्याकांड में भी सुशील सिंह का नाम आया था।
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आखिर बाहुबली क्यों जीत जाते हैं चुनाव
बड़ा सवाल है कि जनता जानती है कि कौन प्रत्याशी बाहुबली है उसके बाद भी उसे वोट देती है। इसके पीछे कई कारण है। बाहुबलियों के पास पैसा व ताकत होती है इसलिए दोनों चीजों के जरिए वह मतदाताओं को प्रभावित कर देते हैं। इसके अतिरिक्त बाहुबली नेता क्षेत्र की समस्या का तुरंत समाधान करते हैं। उनके पास कोई गरीब या शोषित जाता है तो उसकी तुंरत सुनवाई होती है। गरीबों की शादी कराने से लेकर इलाज कराने तक की जिम्मेदारी बाहुबली उठाते हैं जिसके चलते क्षेत्र की जनता उन्हें वोट देकर माननीय बना देती है।
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Published on:
25 Sept 2018 01:48 pm

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