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जलती लाशों के बीच भी जलाये दिये, ऐेसे मनायी देव दीपावली 

कार्तिक मास की पूर्णिमा पर सारे देवता काशी में मनाते हैं दीपावली, घाटों पर उतर आते हैं तारे

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Varanasi Uttar Pradesh

Nov 14, 2016

Dev Deepawali

Dev Deepawali

वाराणसी. सुन के ही कितना अजीब लगता है कि एक ओर लाशे जल रहीं हो और दूसरी ओर लोग दीये जला रहें हो। लेकिन यह सही बात है और ऐसा होता है औघडदानी की काशी में। तीनों लोकों से प्यारी देवाधीदेव महादेव की काशी में महाश्मशान पर एक ओर चिताएं जलती हैं तो वहीं दूसरी ओर काशीवासी दीये जलाकर देप दीपावली मनाते हैं। काशी के अलावा ऐसा नजारा दूनिया में कहीं देखने को नहीं मिल सकता है।



देव दीपावली पर महाश्मशान मणिकर्णिका घाट को दीयों से सजा दिया जाता है। महाश्मशान पर जलते चिताओं के बीच में लोग देव दीपावली मनाते हैं। इस दौरान मणिकर्णिका घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है और लोग उसमें झूमते हैं। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर सारे देवता महादेव की नगरी काशी में दीपावली मनाते हैं। इस दिन काशी में मां गंगाा के घाटों का ऐसा अद्भूत नजारा होता है कि लगता है सारे तारे जमीं पर उतर आये हो। इस अद्भूत दृश्य को देखने के लिए देशी से ही नहीं बल्की विदेशी पयर्टक भी काशी आते हैं।



‘बैंक क लाइन ना हव गुरू, बढ़त रहा’
देव दीपावली को देखने के लिए घाटों पर जन सैलाब उमड़ पड़ता है, ऐसा लगता है जैसे कि पूरी काशी मां गंगा के आंचल में आ गयी हो। देव दीपावली पर सोमवार को घाटों पर इतनी भीड़ थी कि चलना मुश्किल हो गया था। ऐसे में भीड़ में से आवाज आयी कि ‘अरे बैंक क लाइन ना हव गुरू बढ़त रहा’। देव दीपावली के दौरान भी पीएम नरेन्द्र मोदी के नोट बंदी के बाद बैंकों में हो रही भीड़ की चर्चा होती रही।

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