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वाराणसी के इस कुएं का जल पीने दूर-दूर से आते हैं लोग, बीमारियों से मिलती है मुक्ति, जानें क्या है पौराणिक मान्यताएं

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में धनवंतरी कुआं स्थित है जिसका जल पीने लोग दूर-दूर से आते हैं। मान्यता है कि इस कुएं का जल पिने से बड़े से बड़ा रोग ठीक हो जाता है।

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वाराणसी ना जाने कितने इतिहास और कहानी अपने अंदर समेटे हुए है। ऐसी ही एक कहानी है वाराणसी के एक कुएं की जिसका पानी पीने लोग दूर-दूर से आते हैं। इसका नाम धनवंतरी कुआं हैं। माना जाता है कि आयुर्वेद के देवता भगवान धनवंतरी ने कई सालों तक इस जगह पर तपस्या की थी और देवलोक जाने से पहले अपनी सारी औषधियां उस कुएं में डाल गए थे।

पानी पीने से मिलती है रोग से मुक्ती

कहते हैं ये कुआं बहुत चमत्कारी है। इस कुएं का पानी पीने से लोगों को बड़े से बड़े रोग से मुक्ति मिलती है। वाराणसी के मैदागिन स्थित महामृत्युंजय परिसर में कुएं का पानी पीने के लिए हर रोज दूर-दूर से लोग आते हैं। श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए वहां हमेशा सात-आठ लोग मौजूद रहते हैं। इस कूप में कुल आठ घाट हैं, लेकिन सिर्फ एक घाट से जल खींचा जाता है।

क्या है कुएं की पौराणिक कहानी? 

बता दें कि इस कुएं की मान्यता पौराणिक काल से है। जो श्रद्धालु काशी विश्वनाथ नहीं जा पाते, वे इस महामृत्युंजय मंदिर में महादेव के दर्शन करने आते हैं। यह एक ऐसा दुर्लभ मंदिर है, जहां एक ही परिसर में इतने सारे देवता एक साथ विराजमान है। दो-दो द्वादश ज्योतिर्लिंग नागेश्वर और महाकालेश्वर महादेव का अंश यहां स्थित है। साथ ही जितने ज्योतिर्लिंग हैं, वे सतयुग के हैं और स्वयंभू हैं। यहां कोई शिवलिंग स्थापित नहीं है।

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