29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PatrikaKeyNote में बोले प्रोफेसर विश्वंभर नाथ : बाप नहीं स्‍वीकार करता बेटे का मॉडल, काशी है क्‍योटो का पिता

आप चाहते हैं कि हम क्‍योटो मॉडल को अपनाएं। क्‍योटो में है बुद्धिज्म जो यहीं काशी से गया है। क्‍या पिता पुत्र के मॉडल को अपना सकता है।

2 min read
Google source verification
patrikakeynote

डा. विषम्‍भर नाथ:

वाराणसी. काशी धर्म की राजधानी नहीं बल्कि 5000 साल पुरानी परम्‍पराओं का शहर है। इसकी तुलना क्‍योटो से नहीं की जा सकती। इसकी पहचान कंकरीट से नहीं बल्कि यह हेरिटेज से जाना जाता है। आप चाहते हैं कि हम क्‍योटो मॉडल को अपनाएं। क्‍योटो में है बुद्धिजम है जो यहीं काशी से गया है। क्‍या पिता पुत्र के मॉडल को अपना सकता है। उक्‍त बातें संकट मोचन मंदिर के महंत, संकट मोचन फाउंडेशन के चेयरमैन और आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर विश्वंभर नाथ मिश्र ने पत्रिका की नोट में कही। उन्‍होंने कहा कि देश में 2550 किमी गंगा है लेकिन जो महत्‍ता काशी में गंगा की है क्‍या वह कहीं और है।

IMAGE CREDIT: patrika

उन्‍होंने कहा कि यह विश्‍वनाथ जी की नगरी है। विश्‍वनाथ एक मंदिर नहीं बल्कि अपने आप में एक सिस्‍टम है जिसे भगवान शिव अपने हिसाब से निर्धारित कर रहे हैं। विश्‍वनाथ जी किेसी से बंधे नहीं हैं। आपका माडल यहां नहीं चलेगा यहां सिर्फ शिव का मॉडल चलेगा।

IMAGE CREDIT: patrika

प्रो. मिश्र ने सवाल किया कि, आखिर क्‍योटो में क्या है। क्‍योटो के लोग तो शायद वहां बहने वाली नदियों का नाम भी नहीं बता पाएंगे और आप कह रहे हो कि हम वहां का मॉडल अपनाये। काशी जैसी जीवन शैली आपको कहीं नहीं मिलेगी। आज बाबा विश्‍वनाथ की सीमा तय करने की कोशिश हो रही है यह संभव नहीं है। कहते हैं कि काशी में छोटा सा पुण्‍य आपको नई ऊंचाइयों पर पहुंचा देता है लेकिन एक पाप नष्‍ट भी कर देता है।

उन्‍होंने कहा कि, आप उस विश्‍वानाथ को सीमा से बांधने का प्रयास कर रहे हैं, जो शिव 33 हजार करोड़ देवताओं को खुद में समाहित करते हैं। उन्‍हें आप कैसे सीमा में बांध सकते हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

प्रो. मिश्र का कहना है कि अगर आप वास्‍तव में वाराणसी का विकास चाहते हैं तो आपको यहां के लोगों के साथ बैठ कर प्‍लानिंग करनी होगी। कंकरीट की बिल्डिंग खड़ी कर काशी को नहीं बदल सकते।

Story Loader