
प्रतीकात्मक फाेटाे
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक ऐसी योजना चला रखी है जिससे हर महीने घर बैठे 4,500 हासिल किये जा सकते हैं। इस योजना में आपको गो सेवा करनी होगी और इसके लिये सरकार आपको हर माह निर्धारित रकम देगी। यानि घर बैठे गो सेवा कीजिये और सरकार से हर माह निश्चित रकम पाइये। इन गायों की अच्छे से देखभाल में सरकार भी आपकी मदद करेगी। गायों या गोवंश के बीमार हो जाने पर उनका इलाज भी फ्री में कराया जाएगा। इस योजना से जहां एक तरफ रोजगार मिलेगा वहीं लोगों और किसानों को छुट्टा घूमने वाले गोवंश से भी निजात मिलेगी।
क्या है योजना
यूपी की योगी सरकार ने बेसहारा भटकते गोवंश की समस्या से लोगों को निजात दिलाने और गोवंश की देखभाल के लिये उत्तर प्रदेश में 'मुख्यमंत्री बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना' (Besahara Govansh Sahbhagita Yojana) चला रखी है। इस योजना की खासियत यह है कि इसमें कोई भी बेसहारा गोवंश को लेकर उसे अपने घर पर पाल सकता है। इसका खर्च सरकार वहन करेगी। गोवंश को पालने वाले को हर माह निश्चित रकम दी जाएगी। यही नहीं गोवंश से मिलने वाले गोधन का भी पूरा लाभ मिलेगा। योजना का लाभ वही ले सकता है तो यूपी का रहने वाला हो और जिसके पास मदर डेयरी हो।
जरूरी हैं ये दस्तावेज
बेसहारा गोवंश पालने पर ऐसे मिलेंगे रुपये
बेसहारा घूम रहे गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में रखने का इंतजाम है वहां इनकी देखभाल की जाती है। पर सरकार की इस टू इन वन योजना से गोवंश की देखभाल तो होगी ही रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। किसानों और पशुपालकों के लिये यह बेहद फायदे की योजना है। सरकार ने इस योजना के तहत प्रति पशु 30 रुपये का खर्च तय किया है। यानि अगर कोई किसान या कोई भी पांच पशुओं को सहारा देता है तो उसे महीने में 4500 रुपये डारेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम के तहत सीधे उसके खाते में दे दिये जाएंगे। जिले के डीएम इच्छुक पशुपालकों और किसानों की लिस्ट तैयार करेंगे और रकम सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी।
एक लाख गोवंश देने की योजना
योगी सरकार द्वरा इस योजना के तहत पहले चरण में एक लाख पशु हस्तांतरित किये जाएंगे। इस पर राज्य सरकार का करीब 109 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे। 2012 की गणना के मुताबिक यूपी ममें 205.66 लाख गोवंश हैं, जिसमें से करीब 12 लाख बेसहारा हैं। यूपी में 523 से अधिक पंजीकृत गोशालाएं हैं और कई गोशालाएं बनाई जा रही हैं। बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना से जहां किसान इनका पालन पोषण करके इनकम प्राप्त कर सकते हैं वहीं इन बेसहारा पशुओं को भी सहारा मिलेगा। इस योजना में भ्रष्टाचार रोकने के लिये पशुओं की ईयर टैगिंग होगी।
सावधानी
'मुख्यमंत्री बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना' के तहत जो पशु दिये जाएंगे उनकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी लेने वाले पर होगी। सरकार इसका खर्च भी उठाएगी। यदि पशु बीमार पड़ता है तो उसका इलाज भी मुफ्त में होगी। इन सबके बाद भी अगर पशु की मौत हो जाती है और इसके पीछे पशु पालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
17 Jan 2021 01:27 pm

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