
पीएम नरेंद्र मोदी
वाराणसी. केंद्र सरकार के पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए अध्यादेश लाने की घोषणा के विरोध में सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने केंद्र सरकार के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने की घोषणा की है। समिति ने एलान किया कि पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में सांसदों व विधायकों को ज्ञापन दो अभियान अगले सप्ताह से शुरू किया जाएगा तथा 17 जून को देश भर में काला दिवस मनाया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि यूपी के अलावा के अन्य राज्यों के कर्मचारी संगठनों एवं सामाजिक संगठनों को लामबंद कर संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने पत्रिका को बताया कि केंद्र सरकार के निर्णय के पर विचार विमर्श के लिए शुक्रवार को सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की प्रदेश इकाई की आपात बैठक की गई। इसमें केंद्र सरकार के अध्यादेश जारी करने के निर्णय को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की गई और संकल्प व्यक्त किया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को निष्प्रभावी करने की केंद्र सरकार की कोशिश के विरोध में व्यापक जनजागरण कर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। आंदोलन के पहले चरण में सांसदों , विधायकों व जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर उनसे कहा जाएगा कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पदोन्नति में आरक्षण देने की प्रतिगामी नीति का विरोध करें। ज्ञापन दो अभियान अगले सप्ताह से शुरू होगा। मई में देश के सभी प्रांतों की राजधानियों में केंद्र सरकार की कोशिश के विरोध में एक दिन एक साथ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। विरोध प्रदर्शन की तिथि अन्य राज्यों से समन्वय कर शीघ्र ही घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 17 जून 1995 को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए पहली बार संविधान संशोधन किया गया था अतः 17 जून को देश भर में काला दिवस मनाया जाएगा और संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में राष्ट्रव्यापी रैली की जाएगी।
बैठक में सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को निष्प्रभावी कर पदोन्नति में आरक्षण पुनः बहाल करने की कोशिश की गई तो सरकार को इसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे और इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान भी किया जायेगा। दुबे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया है और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में उ प्र में सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त किया जा चुका है। अब वोट बैंक की राजनीति के चलते केंद्र सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण पुनः बहाल करने के लिए अध्यादेश लाने की घोषणा की है जिससे उत्तर प्रदेश के 18 लाख सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और 06 लाख शिक्षकों में भारी गुस्सा व्याप्त है। समति अपने आंदोलन के तहत प्रदेश भर में कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों को लामबन्द कर धरना प्रदर्शन और रथ यात्राओं का आयोजन करेगी।
समति की आपात बैठक मे अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे के अलावा एए फारूकी, राजीव सिंह, एस एस निरंजन, अमर कुमार ,रीना त्रिपाठी , आर पी शर्मा ,देवेंद्र द्विवेदी ,राम प्रकाश, वाई एन उपाध्याय, कमलेश मिश्र, राम राज दुबे, राजीव श्रीवास्तव, अमर कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, डा मौलेन्दु मिश्र, अंकुर भारद्वाज, संदीप अग्रवाल, पी के पांडेय, अजय तिवारी, पवन सिंह, अजय सिंह, पी के सिंह, प्रेमा जोशी, संतोष यादव, संदीप यादव, आर के पांडेयय, आर बी एल यादव आदि मौजूद थे।
Published on:
20 Apr 2018 05:18 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
