सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित लोगों के समर्थन में काशी और आसपास के लोगों ने निकाला जुलूस। डीएम के मार्फत राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन। की पुनर्वास की मांग। बता दें कि इससे पहले इस परियोजना से विस्थापित लोगों के समर्थन में काशी की स्वयंसेवी संस्था साझा संस्कृति मंच ने जल सत्याग्रह किया था।
बता दें कि सरदार सरोवर परियोजना से हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उनके लिए कोई इंतजाम किए बगैर ही योजना को मूर्त रूप देने का निर्णय कर लिया है। उन्हें जबरन विस्थापित किया जा रहा है जिसके विरोध लोग आन्दोलनरत हैं। ऐसे लोगों के समर्थन में काशी के लोग सामने आए हैं। वे विकास के नाम पर क्रूरता और बर्बर हिंसा का विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में काशी और आस पास के जिलों के सामाजिक कार्यकर्ता बुधवार को शास्त्री घाट पर एकत्र हुए। यहां से मौन जुलूस निकाला और पहुंचे जिला मुख्यालय। वहां जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। इस ज्ञापन के माध्यम से सरदार सरोवर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सभी विस्थपितों के लिए तत्काल पुनर्वास के मुकम्मल इंतजाम की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध की वजह से मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के 244 गांव और एक शहर डूब क्षेत्र में आ रहा है। इन गांवों में 40,000 परिवार और लाखों की आबादी, मवेशी, मंदिर-मस्जिद, खेत- खलिहान तथा लाखों पेड़ हैं। नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण ने सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 122 मीटर से बढाकर 138.62 मीटर कर गेट्स बंद करने का निर्णय कर इन हजारों गांवो और लाखों लोगों की जलहत्या का फरमान दे दिया है। ऐसे में हम काशीवासी आपसे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का निवेदन करते हुए निम्न अनुरोध कर रहे हैं...
1. सरदार सरोवर के गेट्स बंद करने के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए।
2. संपूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित किये बिना गांव खाली ना कराये जाएं।
3. पुनर्वास स्थलों में मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, बिजली, सड़क, स्कूल, पशुओं के लिए चारागाह, पोस्टऑफिस आदि मुहैया करायी जाए।
जुलूस में वल्लभाचार्य पांडेय, जागृति रही, आनंद प्रकाश तिवारी, एसपी राय, सतीश सिंह, सुरेश राठौर, लक्ष्मण मौर्या, रवि शेखर, मुकेश उपाध्याय, अनूप श्रमिक, विनय कुमार आदि शामिल रहे।