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क्या राजकुमारी रत्ना सिंह तोड़ पाएंगी प्रतापगढ़ में राजाभैया का तिलिस्म

प्रतापगढ़ में दो राजघरानों की लड़ाई का गवाह बनेगा यूपी चुनाव, एक बार रत्ना तो एक बार अक्षय प्रताप दे चुके हैं पटखनी

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Jyoti Mini

Jul 18, 2016

raja bhaiya -ratna singh

raja bhaiya -ratna singh

वाराणसी/प्रतापगढ़. यूपी चुनाव में प्रतापगढ़ में फिर दो राजनीतिक घराने आमने-सामने हो सकते हैं। दोनों का अपना वजूद है, अपना जनाधार है। लोकसभा चुनावों में एक बार राजाभैया के भदरी घराने ने कलाकांकर रियासत को धूल चटाई तो दूसरी बार रत्ना ने उसी तेवर से अक्षय प्रताप को हराकर करारा जवाब दिया। हालांकि 2014 को चुनाव में किसी राजघराने की नहीं चली और जीत अपना दल के कुंवर हरिवंश सिंह की हुई।

दरअसल, प्रतापगढ़ की सियासत राजाभैया और राजकुमारी रत्ना सिंह के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों घरानों की लोगो में अच्छी पैठ है। राजकुमारी रत्ना सिंह कांग्रेस से हैं, जबकि राजा भैया सपा का समर्थन करते हैं। दोनों राजनीतिक घरानों की अदावत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2004 के लोकसभा चुनाव में राजाभैया ने रत्ना सिंह को हराने के लिए अपने चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह को सपा के टिकट से मैदान में उतार दिया था। इस चुनाव में राजकुमारी को अक्षय प्रताप सिंह के हाथों चुनाव हार गईं।


2009 के लोकसभा चुनाव में फिर दोनों राजघराने आमने-सामने हुए। इस बार राजकुमारी रत्ना सिंह ने अक्षय प्रताप को हराकर बदला ले लिया। इस चुनाव में राजकुमारी को 1,69,137 जबकि अक्षय प्रताप को 1,21,252 मत मिले। अक्षय प्रताप सिंह चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे। 2014 के चुनाव में रत्ना सिंह को मोदी लहर में अपनादल के कुंवर हरिवंश सिंह के हाथों हार का सामना करना पड़ा।


विधानसभा चुनाव में दिलचस्प होगा मुकाबला
कांग्रेस ने जो रणनीति बनाई है उसके तहत वह अपने पूर्व सांसदों को मैदान में उतारना चाहती है। ऐसे में राजकुमारी रत्ना सिंह भी मैदान में आ सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो राजाभैया खेमा उनको हराने के लिए फिर जोर लगाएगा। ऐसे में प्रतापगढ़ की राजनीति दिलचस्प मोड़ पर पहुंचेगी।

ratna singh and akshay singh


ये है राजकुमारी रत्ना सिंह का कद
दरअसल, रत्ना सिंह का जन्म 29 अप्रैल 1959 को हुआ। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य हैं। रत्ना सिंह के पिता राजा दिनेश सिंह भी प्रतापगढ़ से सांसद रह चुके थे। रत्ना सिंह ने कॉमर्स से स्नातक की पढ़ाई की। इनका विवाह श्री जय सिंह सिसोदिया के साथ हुआ। रत्ना सिंह कालाकांकर रियासत की वंशज हैं। उनके पिता दिनेश सिंह इंदिरा गांधी के करीबी थे। नेशनल इलेक्शन वाच के अनुसार राजकुमारी रत्ना सिंह की कुल संपत्ति 67 करोड़ 82 लाख रुपये है।

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