वाराणसी. जीवन के उतार-चढ़ाव भरी जिंदगी का सफर बहुत लम्बा होता है। लेकिन जब यह सफर खत्म होता है तो धन दौलत, उद्देश्य, मोह- माया इन सभी का कोई मोल नहीं रहता। जिसे पाने के लिए इंसान अपना सम्पूर्ण जीवन लगा देता है। जन्म के समय भले ही उस शिशु की आंखों में हजार सपने होते हैं लेकिन जब किसी का अंत होता है तो उसके हाथ एकदम खाली होते हैं। शायद यही जीवन की एक अटल और कड़वी सच्चाई है। क्योंकि अंत में सभी को खाली हाथ श्मशान ही आना पड़ता है।