
This Year Holi 2022 and Shab-ae-Baarat Will be Celebrated on Same Day
गंगा जमुनी तहजीब के शहर बनारस में इस बार होली (Holi 2022) बहुत खास होने जा रही है। चुनाव खत्म होने के बाद मार्च में एक साथ दो त्योहार मनाए जाएंगे। काशी की हिंदू जनता जहां होली त्योहार का जश्न मनाएगी, तो वहीं मुस्लिम समुदाय रात में शब-ए-बारात के चिराग रोशन करेगी। जुमे पर देश और दुनिया के साथ ही बनारस में भी शाबान के चांद की तस्दीक हो गई। दरअसल, 18 मार्च को शब-ए-बारात मनाने का ऐलान किया गया है। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता और हजरत अली समिति के सचिव हाजी फरमान हैदर ने कहा कि इस साल 18 मार्च को शब-ए-बारात मनाई जाएगी। शब-ए-बरात 18वीं की शाम से 19 मार्च की शाम तक मनाया जाएगा। इसी दिन होली भी मनाई जाएगी।
गंगा जमुनी तहजीब की पेश करेंगे मिसाल
चांद दिखने के साथ ही शिया समुदाय के लोगों ने अली और फातिमा की बेटी जनाबे जैनब की जयंती की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। सात मार्च को इमाम हुसैन की जयंती है और आठ मार्च को हजरत अब्बास की जयंती अकीदत के साथ मनाई जाएगी। इस्लामिक कैलेंडर का आठवां महीना प्यारे नबी हजरत मोहम्मद के नाम से जाना जाता है। 18 मार्च को हिंदू होली और मुस्लिम शब-ए-बारात मनाएंगे। दो अलग समुदाय के त्योहार एक साथ मनाए जाने पर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करेंगे।
गुनाहों की माफी की रात होती है शब-ए-बारात
शब-ए-बारात को गुनाहों की माफी की रात मानी जाती है। एक रात की इबादत को एक हजार रात की इबादत के समान माना जाता है। माना जाता है कि अल्लाह ताला नेकियों और रहमतों के रास्ते खोलता है।
Published on:
05 Mar 2022 02:09 pm

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