Varanasi News : आजमगढ़ की बेटी श्रेया की मौत के बाद पूरा देश मर्माहत है, लेकिन प्राइवेट विद्यालय, विद्यालय प्रबंधन के साथ हैं। साथ ही आरोपियों को कोर्ट से रिहाई मिल गयी है। ऐसे में परिजन परेशान हैं। वहीं काशी की आर्टिस्ट बिटिया ने श्रेया का एक चित्र बनाकर समाज और सरकार से सवाल किया है।
Varanasi News : आजमगढ़ के प्रसिद्ध चिल्ड्रन गर्ल्स कालेज की कक्षा 11 की छात्रा श्रेया की विद्यालय की छत से गिरकर मौत हो गयी। इस मौत के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रशासन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करायाथा पर उसे स्पंज कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मामला दर्ज किया। इस मामले में गिरफ्तार प्रधानाचार्य और एक अन्य की जमानत हो चुकी है। उधर श्रेया के परिजन न्याय मांग रहे हैं, तो वाराणसी से आर्टिस्ट बेटी प्रियंका गौड़ ने श्रेया को श्रद्धांजलि देते हुए एक चित्र तैयार कर समाज और सरकार से सवाल किया है। प्रियंका ने पूछा है कि क्या स्कूल में मोबाइल ले जाना डिजिटल युग में इतना बड़ा अपराध है।
डिजिटल युग में मोबाइल रखना गुनाह
इस घटना से मर्माहत काशी की बेटी प्रियंका ने कैनवास पर श्रेया का मुस्कुराता हुआ चेहरा उकेर कर उसे श्रद्धांजलि दी और सरकार और समाज से सवाल भी किया। प्रियंका ने patrika.com को बताया कि एक बच्ची जी अभी समाज को समझ रही थी उसने एक मोबाइल क्लास में मिलने पर गलत ठहरा दिया, जबकि पूरी दुनिया की पढ़ाई मोबाइल पर हो रही है। विद्यालय के नियम के अनुसार यह गलत था, पर बच्ची को कितना टार्चर किया गया कि उसने ऐसा कदम उठा लिया। मोबाइल में क्या था ये पुलिस की जांच का विषय है पर एक मां और बाप ने अपनी बेटी को खोया है क्या समाज या प्राइवेट स्कूल के एकजुट हुए लोग उन्हें उनकी बेटी लौटा पाएंगे जो पहले कहते हैं कि मोबाइल लेकर आना होगा, मां बाप पर प्रेशर करके मोबाइल दिलवाएंगे फिर क्लास में निकलने पर बेइज्जत करेंगे। क्या सरकार इसमें निष्पक्ष जांच करेगी?
31 जुलाई को हुई थी मौत
आजमगढ़ के चिल्ड्रन गर्ल्स स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा की क्लास टीचर ने 31 जुलाई को श्रेया के बैग में मोबाइल पकड़ा था। इसपर प्रधानाचार्य से शिकायत हुई और उसे भी प्रिंसिपल ने बुलाया और फिर ऑफिस के बाहर खड़ा कर उसके पैरेंट्स को बुलाने की बात की, इसी बीच श्रेया के बिल्डिंग से नीचे गिरने की खबर आयी और उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने आरोप लगाया कि श्रेया के कपड़े गलत जगहों से फटे हुए थे जो छत से गिरने से नहीं हो सकते थे ,इसपर पुलिस ने पहले हत्या और फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और श्रेया के मोबाइल की जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया।