बुधवार को वाराणसी में वीडीए प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता की तीन दुकानों का बड़ा हिस्सा गिरा दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता ने सड़क पर चक्काजाम के साथ सड़क पर धरना दिया।
वाराणासी में बुधवार को वीडीए प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता की तीन दुकानों का बड़ा हिस्सा गिरा दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी इन दुकानों को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बचाने के लिए खूब चक्कर काटे और नेताओं से पैरवी करवाई, लेकिन बुधवार को दुकानों को गिरा दिया गया। वाराणासी विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा और सड़क पर धरना दिया गया। जिस जमीन पर दुकानें बनीं हैं, वीडीए उसे अपनी संपत्ति बता रहा है जबकि दुकान मालिक उस पर अपना दावा कर रहे हैं।
बुधवार को वीडीए प्रशासन ने चांदमारी में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता की तीन दुकानों का बड़ा हिस्सा गिरा दिया। इससे गुस्साए BJP कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने सड़क पर चक्काजाम के साथ धरना दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं, तीन पार्षदों और नटिनियादाई-चांदमारी व्यापार मंडल के सदस्यों ने ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया।
शाम छह बजे वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा समर्थकों के साथ पहुंचे और फिर से धरना दिया। थोड़ी देर बाद भोजूबीर से चांदमारी जाने वाली लेन पर चक्काजाम किया। इससे यातायात प्रभावित रहा। बाद में व्यापारी सड़क किनारे धरना देते रहे। देर शाम वीडीए के संयुक्त सचिव परमानंद यादव और एसीपी कैंट विदुष सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाया। दस्तावेजों के साथ गुरुवार को अपने कार्यालय बुलाया।
वीडीए प्रशासन ने इस जमीन को प्राधिकरण की संपत्ति पर अवैध निर्माण बताया जबकि दुकानों के मालिक जयप्रकाश राजभर, ज्ञानेंद्र प्रकाश राजभर ने इन दुकानों को पैतृक संपत्ति बताया वीडीए अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया है। कारोबारियों के अनुसार कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कमिश्नर कौशलराज शर्मा, उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग से इस संबंध में पिछले दिनों बात की थी। अधिकारियों ने जांच के बाद ही कार्यवाई का आश्वासन दिया था।