
भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथयात्रा 7 जुलाई को निकलने वाली है। इसके 18 किलोमीटर के रूट पर 23 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की गई है। चप्पे-चप्पे पर तैनात ये जवान तो नजर रखेंगे ही साथ ही आसमान से हेलिकॉप्टर, 20 ड्रोन, रूट पर लगे 17 सीसीटीवी कैमरों, पास के रूट व शहर के 26सौ सीसीटीवी कैमरों की नजर रखेगी।रथयात्रा रूट के 47 संवेदनशील स्थलों पर 96 पीटीजेड कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है। इतना ही नहीं सात पोर्टेबल कैमरों के जरिए भी इन इलाकों में नजर रखी जाएगी। रथयात्रा में रथों, ट्रक, अखाड़ों, भजन मंडलियों के साथ चलने वाले पुलिस वाहनों में से 18 वाहनों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
रथयात्रा के मूविंग की एसएमएस के जरिए और रथयात्रा के लाइव लोकेशन की जानकारी दी जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक के जरिए फेसियल रिकॉग्निशन किया जाएगा। 3 डी मैपिंग के जरिए पूरे रूट की मॉनिटरिंग की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजररथयात्रा के दौरान रथयात्रा रूट और शहर के अन्य इलाकों में तो पुलिस नजर रखेगी ही साथ ही सोशल मीडिया पर भी अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की टीम लगातार नजर रखेगी। कोई भी आपत्तिजनक व भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।