जिला प्रशासन की ओर से इन दिनों स्वच्छता अभियान का ढोल पीटा जा रहा है। आम आदमी को स्वच्छता की सीख दी जा रही है, लेकिन प्रशासन खुद इस पर अमल नहीं कर रहा है। स्वच्छता पखवाड़े के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं और कचरे के ढेर न लगे, इसके लिए मॉनिटरिंग की जा रही है। हालांकि, प्रशासन के इन दावों की सच्चाई कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। मिनी सचिवालय परिसर, जो कि प्रशासन का केंद्र बिंदु है, खुद कचरे के ढेर से अटा पड़ा है। यहां जगह-जगह फैला कचरा इस बात की ओर इशारा करता है कि प्रशासन जिस स्वच्छता की शिक्षा जनता को दे रहा है, उसे खुद अपने परिसर में लागू नहीं कर पा रहा है।