
थानागाजी. ग्राम पंचायत समरा के करीब 30 घरों की बस्ती गुजरों की ढाणी से बच्चों काे जान जोखिम में डाल नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। मानसून के सक्रिय होते ही नदी-नाले उफान पर हो जाते हैं। इस बार ब्लॉक थानागाजी में अच्छी बारिश से सभी नदी नाले उफान पर है। इसी बीच समरा के गांव गुर्जरों की ढाणी से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दर्जनों स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे है।
यह स्थिति प्रत्येक वर्ष देखने को मिलती है। बरसात शुरू होते ही नदी में पानी बढ़ जाता है। जिससे समरा व आसपास के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अनेको बार ग्राम पंचायत कोरम व स्थानीय विधायक-सांसद सहित गांव में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों से नदी पर पुल बनाने की मांग रखते आ रहे है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। यहां गांव की नदी पर पुल न होने से बच्चों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभिभावक और शिक्षक हर रोज नदी पार करते बच्चों को लेकर चिंता में रहते हैं।
अभिभावक बच्चों को गांव से बाहर पढ़ने भेजना ही नहीं चाहते
लोगों ने बताया कि ढाणी में आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है। ऐसे में गांव के दो दर्जन से अधिक मासूम हर रोज नदी को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पार कर पंचायत मुख्यालय समरा स्कूल पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों के सुरक्षित घर पहुंचने तक उनकी नजरें रास्ते से नहीं हटती है। खतरा इतना है कि थोड़ी सी भी चूक हुई तो तेज प्रवाह सब कुछ बहा ले जाए। बस्ते में दूसरी ड्रेस की व्यवस्था करनी पड़ती है। कई बार तो बच्चे बस्ते को विद्यालय में जमा कर खाली हाथ घर लौटते हैं।
मानसून के चार महीने रहती है पढ़ाई प्रभावित
ग्राम पंचायत समरा की इस गुजरों की ढाणी में 30 परिवार हैं। आजादी के 77 साल बाद भी सड़क व नदी पर पुलिया नहीं होने से नदी पार कर आवागमन को मजबूर हैं। गांव में चिकित्सा का प्रबंध भी नहीं है। चार महीने के लिए उनका स्कूल प्रभावित रहता है। कोई बीमार हो जाए तो उसे चिकित्सालय तक पहुंचाना भी टेडी खीर होती है। नदी पर पुल बनाने को कई बार आश्वासन तो मिला, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया। गुर्जरों की ढाणी समरा से ग्रामीण महेंद्र गुर्जर, सुमेर गुर्जर, हंसराज गुर्जर, नंदराम, मुकेश, रतनलाल गुर्जर सहित अनेक लोगों ने पत्रिका को बताया कि कलेजे पर पत्थर रख कर बंच्चों को वे पढ़ने भेजते हैं। समरा स्थित राउमावि के शिक्षक भी चिंतित रहते हैं
पंचायत के पास बजट नहीं
मामले में ग्राम पंचायत समरा सरपंच रामवतार मीणा का कहना है कि गुर्जरों की ढाणी समरा में आने जाने का एक ही रास्ता है, जिसमें नदी पड़ती है। इसकी चौड़ाई और गहराई बहुत ज़्यादा। पुलिया बनाने का लगभग 45 लाख का प्रपोजल बना था। इतनी राशि ग्राम पंचायत के पास नहीं है। विधायक, सांसद या पीडब्ल्यूडी से ही पुलिया का निर्माण हो सकता है। वहीं उपखंड अधिकारीअमिलाल यादव का कहना है कि मौका स्थित का निरीक्षण कर उक्त मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। समस्या का समाधान कराएंगे।