राजगढ. जन-जन के आराध्य देव भगवान जगन्नाथजी रविवार को कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित जगदीशजी के मन्दिर से गरूड़रूपी विमान पर सवार होकर बारातियों के साथ जानकी मैया को ब्याहने बांदीकुई सडक़ स्थित गंगाबाग देर रात पहुंचे।
कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित मंदिर पर देर शाम जगन्नाथजी के रथ का पूजन परम्परागत तरीके से महन्त मदनमोहन शास्त्री ने किया। संध्या आरती के बाद भगवान जगन्नाथ को ऐतिहासिक गरूड़रूपी रथ पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विराजमान किया। इसके बाद भजन मण्डलियां, बैण्डबाजों की अगुवाई में रथ को श्रद्धालु खींचकर आगे बढ़ा रहे थे। रथयात्रा शुरू होने से पहले पुलिस बल की टुकड़ी ने भगवान जगन्नाथजी को सशस्त्र सलामी दी। श्रद्धालुओं ने रथ के नीचे से निकल कर मन्नते मांगी। रथयात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, ठंडाई, शरबत व मीठे पानी की प्याऊ की व्यवस्था की। रथयात्रा में जानकी मैया और भगवान जगन्नाथजी का उद्घोष करते हुए श्रद्धालु चल रहे थे। रथयात्रा कस्बे के चौपड़ बाजार से शुरू होकर कांकवाड़ी बाजार, गोल सर्किल, सराय बाजार, उपखण्ड कार्यालय, बांदीकुई चौराहा होकर देर रात गंगाबाग पहुंची। रथयात्रा के आगे भगवान मदनमोहनजी, राम दरबार व राधाकृष्ण की आकर्षक झांकियां थी।
इससे पूर्व सुबह नौ बजे वैवाहिक रस्म के तहत भगवान जगन्नाथजी को उपखण्ड अधिकारी सीमा खेतान के सानिध्य में कंगन डोरा महन्त मदनमोहन शास्त्री एवं पूरणदास ने बांधा और दोज पूजन का कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित हुआ। इस मौके पर विधायक मांगेलाल मीणा, मेला कमेटी अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र प्रसाद तिवाडी, सचिव हरिओम गुप्ता, उपाध्यक्ष कान्हाराम लखेरा, महन्त पूरणदास, गायत्री देवी, पण्डित रोहित शर्मा, खेमसिंह आर्य, मीना खण्डेलवाल, ऋषभ नाट्या, एसडीएम सीमा खेतान सहित मेला कमेटी सदस्य, अधिकारी आदि मौजूद रहे।
आकर्षक रही पोशाक
महन्त पूरणदास एवं पण्डित मदनमोहन शास्त्री ने बताया कि इस बार दूल्हे बने भगवान जगन्नाथजी को खाटू दरबार व कोलकाता के इत्र से महकाया गया। वृंदावन के बांके बिहारी की तर्ज पर जगन्नाथजी को शाही पोशाक धारण कराई गई। जयपुर के मोगरे की माला से भगवान को सजाया। रथयात्रा के दौरान भक्त मन्नोती मांगते बडी संख्या में कस्बे के चौपड बाजार स्थित मंदिर से पेट पलनियांदण्डोती देते हुए देर रात्रि गंगाबाग पहुंचे। दूल्हे बने भगवान जगन्नाथजी की झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमडती रही। रथयात्रा के दौरान मार्ग में मन्दिरों पर घण्टा व घडियाल के साथ आरती उतारी गई। जगन्नाथजी की प्रतिमा को मंदिर में विराजित कराया गया। रथयात्रा गंगाबाग पहुंचते ही आठ दिवसीय मेला शुरू हो गया।
पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत
वधू पक्ष की ओर से दादूपंथी ठिकाना गंगाबाग की ओर से भगवान जगन्नाथजी के गंगाबाग पहुंचने पर गुलाब के फूलों से पुष्प वर्षा कर अगवानी व आरती की गई। राजगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों नेे चाट, पकौडी, ठंडा पेय, कुल्फी, गर्म-गर्म जलेबी का आनंद उठाया। बच्चों ने झूलों का आन्नद उठाया। खिलौनों की खरीदारी की। भगवान जगन्नाथजी मेला स्थल गंगाबाग में पुलिस की अस्थाई चौकी बनाई गई है।