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आज का पंचांग, शनिवार, 15 नवम्बर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

शनिवार, 15 नवम्बर 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Nov 15, 2025

🌟(आज का पंचांग – शनिवार, 15 नवम्बर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 23 जमादि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत ऋतु
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया 8:11 से 9:31 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12:11 से 4:12 तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – एकादशी तिथि रात्रि 2:38 तक होगी तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक

नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 11:35 तक होगा तदुपरान्त हस्त नक्षत्र होगा।
योग – विष्कुम्भ योग अंतरात्रि 6:46 तक रहेगा तदुपरान्त प्रीति योग रहेगा।
करण – बव करण दिन 1:44 तक रहेगा तदुपरान्त बालव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – यमघंट योग रात्रि 11:35 से सूर्योदय तक
व्रत / दिवस विशेष – उत्पन्ना (वैतरणी) एकादशी व्रत, पद्म प्रभु मोक्ष दिन (जैन),

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कन्या राशि में होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कन्या होगी। आज रात्रि 11:35 तक जन्म लेने वाले बच्चों का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा तदुपरान्त हस्त नक्षत्र रहेगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर टो, प, पी, पू, ष पर रखे जा सकते हैं।

कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं। हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं और व्यंग करना पसंद करते हैं।

ये जातक प्रियभाषी, कार्य में सहायक, लज्जाशील प्रकृति, नरम स्वभाव और निति के अनुकूल काम करने वाला होगा। कल्पनाशील सूक्षमदर्शी एवं संवेदनशील स्वभाव का होता हैं। ये बुद्धिमान, तीव्र स्मरणशक्ति एवं अध्ययनशील प्रकृति के होते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्

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