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Vastu Tips For Home: ग्राउंड फ्लोर, पहली मंजिल या कोई और? जानिए घर की कौन-सी मंजिल होती है सबसे शुभ, जहां धन के साथ मानसिक शांति भी बनी रहती है

Vastu Tips For Home: आज के समय में घर खरीदते समय लोग सिर्फ लोकेशन, बजट और सुविधाओं पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि कई लोग वास्तु शास्त्र को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।वास्तु के अनुसार हर मंजिल की अलग ऊर्जा होती है, जो घर के माहौल और परिवार के जीवन को प्रभावित कर सकती है।

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भारत

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MEGHA ROY

Mar 14, 2026

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Best place to keep locker according to vastu|फोटो सोर्स- Freepik

Vastu Tips For Home: वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, कमरों की स्थिति और सामान रखने की जगह को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि यदि घर में कीमती सामान, तिजोरी या धन सही स्थान पर रखा जाए तो आर्थिक समृद्धि और स्थिरता बनी रहती है। कई लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि बहुमंजिला घर में ग्राउंड फ्लोर, पहली मंजिल या किसी अन्य मंजिल पर धन और कीमती सामान रखना ज्यादा शुभ होता है। वास्तु के अनुसार हर मंजिल की अपनी ऊर्जा होती है, जिसका असर घर के सदस्यों की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की कौन-सी मंजिल धन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।

ग्राउंड फ्लोर: स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक

वास्तु शास्त्र के अनुसार ग्राउंड फ्लोर का संबंध पृथ्वी तत्व से माना जाता है। पृथ्वी तत्व स्थिरता, मजबूती और सुरक्षा का प्रतीक है। जमीन के करीब रहने से परिवार में स्थिरता बनी रहती है और रिश्तों में भी संतुलन आता है। माना जाता है कि इस मंजिल पर रहने वाले लोग शांत और व्यवस्थित जीवन जीते हैं। इसलिए जो लोग स्थिर और सुकून भरा जीवन चाहते हैं, उनके लिए ग्राउंड फ्लोर अच्छा विकल्प माना जाता है।

पहली से तीसरी मंजिल: संतुलित ऊर्जा का प्रभाव

वास्तु के अनुसार पहली से तीसरी मंजिल तक के फ्लोर भी काफी अनुकूल माने जाते हैं। इन मंजिलों पर पृथ्वी और वायु तत्व का संतुलन बना रहता है। यह संतुलन घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। इन फ्लोर पर रहने से परिवार में व्यावहारिक सोच, सुरक्षा और मानसिक संतुलन बना रहता है।

चौथी से छठी मंजिल: मानसिक स्पष्टता और शांति

चौथी से छठी मंजिल को वास्तु में संतुलित ऊर्जा वाली मंजिलें माना जाता है। यहां पृथ्वी और वायु तत्व का अच्छा मेल होता है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देता है। साथ ही इन मंजिलों पर सड़क का शोर और प्रदूषण अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे घर का माहौल ज्यादा शांत और आरामदायक महसूस होता है।

ऊंची मंजिल और पेंटहाउस


ऊंची मंजिलों और पेंटहाउस का संबंध मुख्य रूप से वायु तत्व से माना जाता है। वायु तत्व स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और खुलेपन का प्रतीक है। यहां रहने से ताजी हवा और बेहतर दृश्य मिलते हैं, जिससे मन में सकारात्मकता बनी रहती है। हालांकि वास्तु के अनुसार जमीन से दूरी ज्यादा होने के कारण कभी-कभी स्थिरता की कमी भी महसूस हो सकती है।