
Aaj Ka Panchang 15 March 2026
Aaj Ka Panchang 15 March 2026 : आज का पंचांग 15 मार्च 2026: आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज पापमोचनी एकादशी का पावन व्रत है, जिसे पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज श्रवण नक्षत्र, परिघ योग और द्विपुष्कर राजयोग का भी विशेष संयोग बन रहा है। ऐसे शुभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और व्रत करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार आज का राहुकाल, चौघड़िया, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों के गोचर जानना महत्वपूर्ण माना जाता है ताकि दिन के कार्य शुभ समय में किए जा सकें। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग और इस सप्ताह के प्रमुख व्रत-त्योहार।
विक्रम संवत् 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 25 रमजान
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
| चौघड़िया प्रकार | समय | कार्य के लिए स्थिति |
|---|---|---|
| चर | 08:09 AM – 09:38 AM | शुभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छा |
| लाभ | 09:38 AM – 11:07 AM | अत्यंत शुभ |
| अमृत | 11:07 AM – 12:36 PM | सबसे शुभ समय |
| शुभ | 02:05 PM – 03:34 PM | शुभ कार्य प्रारम्भ करने के लिए अनुकूल |
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – एकादशी तिथि दिन 9.17 तक रहेगी तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – श्रवण नक्षत्र अंतरात्रि 5.56 तक होगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
योग – परिघ योग दिन 10.25 तक रहेगा तदुपरान्त शिव योग रहेगा ।
करण – बालव करण दिन 9.17 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – द्विपुष्कर व राजयोग अंतरात्रि 5-56 से सूर्योदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – पापमोचनी एकादशी व्रत, संक्रांति पुण्यकाल पूर्वाह्न में, मीन मल मास प्रारंभ, विश्व उपभोक्ता दिवस,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मकर राशि में होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शुक्र का रेवती नक्षत्र में प्रवेश दिन 10-39 पर,
| तिथि | दिन | प्रमुख पर्व / घटनाएँ | समय / विशेष योग |
|---|---|---|---|
| 16.03.2026 | सोमवार | सोम प्रदोष व्रत, मेला कैला देवी प्रारंभ (17 दिवसीय) करौली, राजस्थान | पंचक प्रारंभ सायं 6:14 से |
| 17.03.2026 | मंगलवार | मास शिवरात्रि, वारुणी पर्व, पंचक, शबे कदर | भद्रा 9:23 AM – 8:55 PM, वारुणी पर्व 9:23 AM तक |
| 18.03.2026 | बुधवार | पितृकार्य अमावस्या, पंचक, मन्वादि, मेला पिहोर्वा तीर्थ (हरियाणा) | सूर्य उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 9:21 AM, महापात योग रात्रि 3:45 से |
| 19.03.2026 | गुरुवार | चैत्री व देवकार्य अमावस्या, बसंत नवरात्र प्रारंभ, गुड़ी पड़वा, श्री गौतम जयंती, ध्वजारोहण | महापात योग प्रातः 7:25 तक, गंडमूल प्रारंभ अंतरात्रि 4:05, सर्वार्थसिद्धि योग 4:05 से |
| 20.03.2026 | शुक्रवार | चेटीचंड, सिंजारा (गणगौर), श्री झूलेलाल जयंती, बसंत सम्पात, महाविषुव दिन, जुमातुलविदा | मंगल पूर्वाभाद्रपद में 9:22 PM, सूर्य सायन मेष में 8:16 PM, पंचक रात्रि 2:28 तक, अमृतसिद्धि योग सूर्योदय से 2:28 AM तक, सर्वार्थसिद्धि योग पूरा दिन |
| 21.03.2026 | शनिवार | गणगौर पूजन, गौरी तृतीया, मत्स्य जयंती, ईद-उल-फितर (मीठी ईद), मेवाड़ उत्सव उदयपुर प्रारंभ | शनि पूर्वाभाद्रपद चरण 3 में 3:04 PM, गंडमूल रात्रि 12:38 तक, रवियोग 12:38 से |
| 22.03.2026 | रविवार | विनायक चतुर्थी, बूढ़ी गणगौर मेला जयपुर, विश्व जल दिवस, राष्ट्रीय चैत्र मास प्रारंभ | भद्रा 10:37 AM – 9:17 PM, रवियोग 10:43 PM तक, ज्वालामुखी योग 9:17 PM – 10:43 PM |
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी ।
आज अंतरात्रि 5.56 तक जन्म लेने वाले बच्चों का श्रवण नक्षत्र होगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर खी, खु, खे, खो, ग पर रखे जा सकते हैं।
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं। ऐसे जातक गंभीर, भावुक, संवेदनशील, उच्चाभिलाषी, सेवाधर्मी, मननशील एवं धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।
Published on:
14 Mar 2026 01:05 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
