🌟(आज का पंचांग – शनिवार, 27 सितम्बर, 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 4 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया 7:50 से 9:20 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12:18 से 4:46 तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – पंचमी तिथि दिन 12:04 तक रहेगा तदुपरान्त षष्ठी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक
नक्षत्र – अनुराधा नक्षत्र रात्रि 1:08 तक रहेगा तदुपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र होगा।
योग – प्रीति योग रात्रि 11:46 तक रहेगा तदुपरान्त आयुष्मान योग रहेगा।
करण – बालव करण दिन 12:04 तक तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग प्रातः 7:07 तक व पुनः प्रारंभ रात्रि 1:08 से
व्रत / दिवस विशेष – नत पंचमी (उड़ीसा), विश्व पर्यटन दिवस, गंडमूल प्रारम्भ रात्रि 1:08 से
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि वृश्चिक राशि में होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – सूर्य हस्त नक्षत्र में प्रवेश प्रातः 7:07 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी। आज रात्रि 1.08 तक अनुराधा नक्षत्र होगा तदुपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर नी, नू, ने, नो पर रखे जा सकते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, उत्साही, स्पष्टवादी, परिश्रमी, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्