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Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग देखिए, शनिवार, 2 अगस्त, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

नमस्कार! स्वागत है आपका राजस्थान पत्रिका के आध्यात्मिक मंच पर, जहाँ हम प्रतिदिन लाते हैं आपके लिए सटीक और प्रामाणिक दैनिक पंचांग। इस वीडियो में जानिए - आज की तिथि, नक्षत्र और योग, शुभ मुहूर्त: विवाह, गृह प्रवेश, वाहन क्रय आदि के लिए, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रराशि, व्रत, पर्व और विशेष तिथि का महत्व, हमारा पंचांग तैयार किया गया है उज्जैन के सुप्रसिद्ध पंचांगकर्ता ज्यो. पं. चंदन श्यामनारायण व्यास जी द्वारा, जिनके गहन अनुभव और ज्ञान के आधार पर आप अपने दिन की योजनाएं बना सकते हैं।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Aug 01, 2025

(आज का पंचांग – शनिवार, 2 अगस्त, 2025)

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 7 सफ़र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा ऋतु
मास – श्रावण
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया 7:35 से 9:14तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12:33 से 5:31 तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – अष्ठमी तिथि प्रातः 7:24 तक होगी तदुपरान्त नवमी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक

नक्षत्र – विशाखा नक्षत्र सम्पूर्ण दिन रात्रि होगा।
योग – शुक्ल योग सम्पूर्ण दिन रात्रि होगा।
करण – बव करण प्रातः 7:24 तक तदुपरान्त बालव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रवियोग अंतराल 4:08 तक

व्रत / दिवस विशेष – सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश प्रातः 4:08 पर, अश्वत्थ मारुति पूजन, अष्टमी तिथि वृद्धि,

चन्द्रमा – आज रात्रि 11:53 तक तुला राशि में होगा तदुपरान्त वृश्चिक राशि में प्रवेश होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 11:53 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी तदुपरान्त वृश्चिक राशि होगी। आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तक विशाखा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ती, तु, ते, तो, न पर रखे जा सकते हैं।

तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं।

पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्