बहराइच. अपनी ही सरकार पर अकसर हमलावर रहने वाली भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले ने राम मंदिर मुद्दे को लेकर ब्राह्मण समाज के लोगों पर गहरा तंज कसा है। बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले ने पत्रिका उत्तर प्रदेश से कहा कि राम मंदिर कोई मुद्दा नहीं है। सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने के लिये राम मंदिर को मुद्दा बनाया जा रहा है। इसके आगे सांसद फुले ने सवर्ण समाज के लोगों को आड़े हांथों लेते हुए कहा कि मंदिर बनाने की बात वही लोग करते हैं जो मंदिर के मालिक होते हैं। प्रदेश के 3 प्रतिशत ब्राह्मण मंदिरों के पुजारी होते हैं। वो बहुजन समाज द्वारा आस्था से आने वाले चढ़ावे के मालिक होते हैं। अपना धंधा चलाने के लिये और कमाने के लिये राम मंदिर को मुद्दा बनाया है।
ये भी पढ़ें- बुलंदशहर हिंसा मामले में अखिलेश-शिवपाल ने दिया बड़ा बयान, मचा हड़कंप
हमको मंदिर नहीं चाहिए-
उन्होंने आगे कहा कि देश के बहुजन को राम मंदिर नहीं चाहिए, राम मंदिर से कोई फायदा नहीं। हमको मंदिर नहीं चाहिए। हमको भारत का संविधान चाहिए। इसके आगे सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के बजाय साक्ष्यों के आधार पर तथागत गौतम बुद्ध जी की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें- यूपी राज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद अखिलेश यादव के बयान ने मचाया हड़कंप
सीएम योगी के लिए कहा यह-
सावित्री बाई ने भगवान राम को मनुवादी बताते हुए कहा कि बजरंगबली अगर दलित नहीं थे तो उन्हें इंसान क्यों नहीं बनाया गया। उन्हें बंदर क्यों बनाया गया? उनके मुंह में कालिख क्यों लगाई गई और उन्हें पूछ क्यों लगाई गई? वहीं सीएम योगी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि योगी का दलित प्रेम सिर्फ दिखावा है। अगर उन्हें वाकई में दलितों से प्रेम है तो दलितों को गले लगाएं दलितों का सम्मान करें।