बांसवाड़ा. श्री राधा-कृष्ण मंदिर का पाटोत्सव तेली समाज की ओर से शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। सुबह पूजन-अनुष्ठान किए गए। वहीं शाम को शोभायात्रा के बाद समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। शनिवार प्रात: 9 बजे स्थापित देवताओं का पूजन अभिषेक आचार्य योगेश जोशी, पं अश्विन आदि के सान्निध्य में किया गया। मंदिर परिसर स्थित सभी मंदिरों पर नई ध्वजा चढ़ाई गई। इसके बाद शाम को निज मंदिर से शोभायात्रा आरंभ हुई। यह लालीवाव मठ, लखारवाड़ा, आजाद चौक, महालक्ष्मी चौक, रामद्वारा होते हुए पुन: मंदिर परिसर पहुंची।
शोभायात्रा में श्रीराधावल्लभ भक्त मंडली के सदस्यों ने रामा गाईये गणपती गजवंदन रामा…., गोकुल ना वासी काना…., साथ अगर गुरुवर का हो तो धन और दौलत क्या मांगे…., बालमुकुन्द कृपा की न होती जो आदत तुम्हारी…. आदि भजनों की स्वर लहरियों से वातावरण गुंजायमान कर दिया गया। शोभायात्रा में आगे श्रद्धालु धर्मध्वज लिए चल रहे थे। अंतिम में भगवान श्री बालमुकुन्द की पालकी को श्रद्धालु कांधों पर उठाए चल रहे थे। पालकी उठाने के लिए महिलाओं ने भी बड़ी श्रद्धा से भाग लिया। शोभायात्रा के बाद रात 8.30 बजे भगवान की महाआरती की गई। महाआरती के पश्चात प्रतिभा सम्मान समारोह हुआ, जिसमें तेली समाज के राजस्थान की विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। अंत में महाप्रसाद हुआ।