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Video : हैण्डपंप से दो घंटे में मिल रहा एक घड़ा पानी, अपनी बारी के इंतजार में हो जाती है दोपहर से शाम, फिर भी लौटना पड़ रहा खाली हाथ
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Video : हैण्डपंप से दो घंटे में मिल रहा एक घड़ा पानी, अपनी बारी के इंतजार में हो जाती है दोपहर से शाम, फिर भी लौटना पड़ रहा खाली हाथ

बांसवाड़ा के मूलिया गांव में पानी के लिए हाहाकार, जिम्मेदार बेफिकर
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बांसवाड़ा

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Dinesh Chandra

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Updated: 6 Jun 2019, 2:37 PM IST

बांसवाड़ा. पारा 45 डिग्री, एकमात्र हैण्डपंप से बूंद बूंद पानी एकत्र करने की जद्दोजहद, एक घड़े पानी के लिए प्रचंड गर्मी में घंटों हैण्डपंप पर बैठे रहने की मजबूरी और इसके बाद भी पानी मिलेगा या नहीं इसकी गारंटी नहीं। लोगों में प्यास के मारे मारे हाहाकार के हालात हैं लेकिन वे असहाय हैं। दूसरी ओर प्रशासन है कि उसके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ग्रामीण अपनी बात सरपंच और अन्य जिम्मेदारों तक पहुंचा भी चुके लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। छोटी सरवन पंचायत समिति के मूलिया गांव में गर्मी शुरू होने के साथ ही जलसंकट के हालात बनने लग गए थे, लेकिन अब स्थिति भयावह हो गइ्र्र हैं। एक तरफ गर्मी और पानी की मांग बढ़ रही है और दूसरी तरफ लोगों को गला तर करने जितना पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। बाकी जरूरतें तो दूर रही। दिन की शुरुआत के साथ ही गांव के एकमात्र हैण्डपंप पर महिलाओं का जमावड़ा लग जाता है और फिर एक से दो घंटे मे एक एक घड़ा पानी समेटने का सिलसिला शुरू होता है।

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अपनी बारी के इंतजार में कई महिलाओं की तो सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम हो जाती है। कई बार तो इतने इंतजार के बाद भी पानी नहीं मिल पाता। दो महिलाएं हैण्ड पंप चलाती है और वे थकती हैं तो दूसरी दो महिलाएं इस काम में लगती है। तब कही घड़ा भर पानी मिलता है। गांव के अलावा एक से डेढ़ किमी दूर से भी लोग पानी के आस में आ रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश ही लौटना पड़ रहा है।इन हालात में परिवारों का अन्य काम काज भी छूट गया है और वे दिनभर पानी की जुगाड़ में ही लगे रहते हैं। कहने को तो गांव में पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन बिछी है, सार्वजनिक नल लगा है लेकिन इनमें पानी नहीं आ रहा है। इस भीषण संकट की ओर ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान भी खींचा लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। गांव में टैंकर से जलापूर्ति भी नहीं हो रही है। हालांकि जलदाय विभाग का दावा है कि छोटी सरवन क्षेत्र के 22 गांव और 16 ढाणियों में बीस टैँकर से आपूर्ति हो रही है लेकिन सवाल यह है कि फिर यह पानी कहां आपूर्ति हो रहा है।

बहुत परेशानी है
कला कुमारी के अनुसार गांव में पानी का भारी संकट है। हैण्डपंप पर दो घंटे बैठने के बाद पानी नहीं मिल पाया।

नहीं मिल रहा पानी
ग्रामीण रमेश ने कहा कि दो किमी दूर से ऑटो में पानी लेने पहुंचा लेकिन हैण्डपंप पर बूंद बूंद पानी आते और भीड़ लगी देखी तो मायूस होकर किसी निजी कुएं से पानी लेने जा रहा हूं। सरपंच को कहा लेकिन पानी की समस्या के समाधान की दिशा में पहल नहीं हो रही है।

नल है पर सप्लाई नहीं
मूलिया निवासी सुगना ने बताया कि गांव में नल लगा है लेकिन उसमें पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है।

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