बांसवाड़ा. आनंदपुरी. आनदंपुरी कस्बे के कृषि सेवा केंद्र में शुक्रवार को गेहूं बीज लेने पहुंचे किसानों ने नाराजगी व्यक्त की। ढाई घंटे तक चले हंगामें के बाद मामला शांत हुआ। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह आनंदपुरी क्षेत्र के कई गांवों के किसान बीज लेने के लिए पहुंचे। इस मौके पर कार्मिकों ने गेहूं बीज न होने की बात कही। कार्मिक की बात सुन ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद तकरीबन ढाई घंटे तक ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया।
कार्मिक के झूठ से भड़के किसान
गेहूं लेने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि जब वो बीज लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे तो उस दौरान तकरीबन 50 कट्टे बीज एक वाहन में कहीं भेजे गए। ग्रामीणों को बीज देने के नाम पर कार्मिक बीज न होने की बात का हवाला दिया। गोदाम में बीज न होने की बात पर ग्रामीणों ने गोदाम दिखाने की बात कही, जिससे कार्मिक नाराज हो गए और गोदाम पर ताला लगाकर कहीं चले गए। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। इस दौरान मुकेश, मगनलाल डामोर, महेंद्र, रेखा देवी, शीला डामोर, सरदार सिंह, संकु सहित कई किसान मौजूद रहे।
सहायक कृषि अधिकारी स्टॉक से अनभिज्ञ
सहायक कृषि अधिकारी हेमचंद्र डिंडोर ने बताया कि बुधवार को 250 कट्टे गेंहू के आये थे। गुरुवार तक गेंहू के 150 कट्टे वितरण कर दिए गए थे। शेष 100 कट्टे होना बताया। शुक्रवार को मात्र 50 कट्टे गेहूं के ही मौजूद थे। 50 कट्टे के बारे में उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने बताया कि वो छुट्टी पर थे संभव है कि वितरित कर दिए हों।
किसानों ने यह बताई मजबूरी
किसानों ने बताया कि खेती के लिए समय पर बीज उपलब्ध नहीं होने के कारण उन पर आर्थिक भार बढ़ता है। बीज न मिलने पर उन्हें बाजार से ऊंचे दामों पर खरीदी करनी पड़ती है। इससे किसानों का कर्ज बढ़ता है। जिससे पूरे परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।