बांसवाड़ा. प्रदेश के राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध और राज्य सरकार और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में दो वर्षीय बी.एड एवं चार वर्षीय बीए बीएड व बीएससी बीएड में भर्ती के लिए रविवार को प्रवेश परीक्षा पीटीईटी के प्रति परीक्षार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। 33 जिलों में 1494 केन्द्रों पर शांतिपूर्ण हुई। परीक्षा में परीक्षार्थियों की उपस्थिति का प्रतिशत 89.70 रहा। बांसवाड़ा में दोनों पाठ्यक्रमों में पंजीकृत 17 हजार 853 में से 16 हजार 306 परीक्षार्थी उपस्थित व 1547 अनुपस्थित रहे। उपस्थिति प्रतिशत 91.3 रहा।
पीटीईटी का समय सुबह 11 से दो बजे निर्धारित था। परीक्षार्थियों को साढ़े नौ बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुसार जिलेभर में सुबह नौ-साढ़े बजे तक परीक्षार्थी पहुंच गए थे। केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सबसे पहले निजी एजेंसी ने मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग कर, इसके बाद इसके बाद मुख्य द्वार पर पुलिस कार्मिक ने जांच कर प्रवेश दिया। इस दौरान परीक्षार्थियों की लंबी कतार नजर आई। वहीं कुलपति सहित उड़न दस्तों ने भी सघन जांच की। राज्य स्तर पर हुई परीक्षा के बाद भी किसी प्रकार की नेटबंदी भी नहीं की गई।
पासवर्ड से खुली गोपनीय सामग्री
सेट परीक्षा की तर्ज़ पर सुबह 10 बजे तक परीक्षार्थियों को केंद्र पर प्रवेश सुनिश्चित किया गया। उसके बाद 10.20 बजे केन्द्रों पर भेजी गई गोपनीय सामग्री की पेटी को खोलने के लिए पासवर्ड भेजा गया, जिससे सभी पेटियां खोली गई। प्रश्नपत्र की गोपनीयता के लिए कक्ष अनुसार प्रश्न पत्र सेट किए गए। परीक्षार्थियों के सामने ही पैकेट खोला गया। परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों के सामने ही ओएमआर को सीलबंद किया। प्रत्येक केंद्र पर हर कक्ष की मैपिंग भी की गई। यह प्रयोग जीजीटीयू ने गत मार्च में राज्य पात्रता परीक्षा में भी अपनाया था। इससे राज्य स्तरीय परीक्षा का जीजीटीयू मॉडल सफल रहा।
बांसवाड़ा से प्रदेशभर में निगरानी
बांसवाड़ा इंजीनियरिंग कॉलेज से प्रदेश के सभी केन्द्रों और परीक्षा कक्ष की सघन निगरानी की गई। केन्द्रीय कंट्रोल रूम में कुलपति प्रो. आईवी त्रिवेदी के नेतृत्व में कुलसचिव सोहनसिंह काठात, पीटीईटी समन्वयक डॉ. मनोज पंड्या, नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र पानेरी, सेट समिति सदस्यों प्रो. अलका रस्तौगी, प्रोग्रामर प्रकाश परमार ने निगरानी की और ऑनलाइन मार्गदर्शन दिए। परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने कुलपति त्रिवेदी से व्यक्तिगत बात कर सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कुलपति ने कहा
विगत समय से देश और अनेक राज्यों में अनेक परीक्षाओं में पेपर लीक एवं अन्य प्रकार की समस्याओं के कारण आयोजक संस्थाओं की साख पर प्रश्न चिह्न लगते रहे हैं। विश्वविद्यालय के समक्ष परीक्षा आयोजन बड़ी चुनौती थी। सभी प्रयास और नवाचार सफल रहे।
– प्रो.आई.वी.त्रिवेदी, कुलपति, जीजीटीयू,बांसवाड़ा