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घने कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार, शीतलहर ने लगाई धूजणी fog in Rajasthan

– हाइवे पर विजिबिलिटी रही कम, हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए वाहन- ओस से फसलों को लाभ तो कोहरे से नुकसान की आशंका बस्सी. जयपुर ग्रामीण अंचल में दो दिन पहले हुई मावठ के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बारिश थमने के साथ ही शीतलहर का असर तेज हो गया, इससे […]

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– हाइवे पर विजिबिलिटी रही कम, हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए वाहन- ओस से फसलों को लाभ तो कोहरे से नुकसान की आशंका

बस्सी. जयपुर ग्रामीण अंचल में दो दिन पहले हुई मावठ के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बारिश थमने के साथ ही शीतलहर का असर तेज हो गया, इससे गुरुवार रात से ही क्षेत्र में घना कोहरा छा गया। कोहरे के चलते जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग, जयपुर-गंगापुर स्टेट हाइवे सहित प्रमुख सड़कों पर दृश्यता 15-20 मीटर रही। हालत यह रही कि वाहन चालकों को कुछ ही मीटर आगे का रास्ता दिखाई दे रहा था, जिससे यातायात की गति बेहद धीमी रही।

जयपुर ग्रामीण के बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोहरे की चादर फैल गई। तड़के सुबह तक स्थिति और गंभीर हो गई। हाइवे पर वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते रहे, लेकिन इसके बावजूद सामने का रास्ता स्पष्ट नहीं दिख रहा था। कई स्थानों पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी से वाहन चलाने पड़े। कोहरे के कारण कुछ जगहों पर हल्का जाम जैसा माहौल भी बन गया। खासतौर पर स्कूल और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुबह करीब दस बजे के बाद जब कोहरा धीरे-धीरे छंटना शुरू हुआ, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। धूप निकलने के साथ ही सड़क पर चल रहे वाहनों की रफ्तार सामान्य हो सकी। हालांकि सुबह के समय कोहरे के कारण आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त रहा। बाजारों में भी देर से चहल-पहल शुरू हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव तापते नजर आए, वहीं बच्चों और बुजुर्गों पर सर्दी का सबसे अधिक असर देखने को मिला। (कासं )

पेड़ों से टपकती रही ओस की बूंदे….

कोहरे के साथ-साथ सर्दी का असर भी तेज हो गया है। मावठ के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से ठिठुरन और बढ़ गई। गुरुवार रात को पड़ी ओस सुबह पेड़ों से टपकती नजर आई। खेतों में खड़ी रबी की फसलों पर ओस की बूंदें चमकती दिखाई दीं। किसानों का कहना है कि ओस से फसलों को कुछ हद तक फायदा मिलेगा, लेकिन यदि कोहरा लंबे समय तक बना रहा तो फसलों पर रोग लगने की आशंका भी बढ़ जाएगी। विशेषकर सरसों, गेहूं और चना जैसी फसलों पर कोहरे का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

किसानों को फायदा तो नुकसान की भी है आशंका….

किसानों के लिए यह मौसम दोहरा असर लेकर आया है। एक ओर मावठ और ओस से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे रबी की फसलों को संजीवनी मिली है। दूसरी ओर लगातार कोहरा छाए रहने से फसलों में फफूंद और कीट रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोहरा लंबे समय तक बना रहा तो किसानों को फसलों की निगरानी बढ़ानी होगी और जरूरत पड़ने पर उचित दवाइयों का छिड़काव करना होगा। कोहरे और शीतलहर के चलते आमजन की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। सुबह टहलने वाले लोग घरों में ही दुबके रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी सर्दी और धुंध के बीच निकलना पड़ा। चाय की दुकानों और अलाव के आसपास लोगों की भीड़ नजर आई। ग्रामीण इलाकों में लोग सुबह जल्दी खेतों में जाने से बचते रहे और धूप निकलने के बाद ही कामकाज शुरू किया।(कासं )