देशभर में मानसून का असर देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मानसून सक्रिय है। पहाड़ों पर तो बारिश कहर बनकर गिर रही है। आए दिन कहीं- न कहीं पर बादल फट रहे हैं, जिससे पूरा जनजीवन प्रभावित हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में उमस बढ़ गई है। दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों जमकर बारिश हो रही है। बरसात की वजह से लोगों को गर्मी से तो राहत मिल गई है, लेकिन जाम और जलभराव की समस्या नया सिर दर्द बन गई है। हरियाणा में झमाझम बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। उत्तर प्रदेश में कमजोर पड़े मानसून के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है, जिससे लोग परेशान हैं। पहाड़ों की बात करें तो उत्तराखंड में मौसम काफी सक्रिय बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कई जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी, कुल्लू और अन्य पहाड़ी जिलों में मानसून ने गति पकड़ ली है। मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। बड़वानी और बुरहानपुर में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य के अधिकांश जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत के कर्नाटक में भी मौसम ने परेशानी बढ़ाई है। पश्चिमी तट पर मुंबई और आसपास के इलाकों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि वहां अभी हालात नियंत्रण में हैं। कुल मिलाकर, उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने चुनौती खड़ी की है, जबकि अन्य इलाकों में फिलहाल सामान्य मानसून जैसी स्थिति बनी हुई है।