4 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने प्रांतव्यापी अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। वन विभाग कार्यालय के सामने कर्मचारी ने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों के पदोन्नति के लिए लघुवनोपज के 180 पदों पर प्रतिनियुक्ति के बाद पदोन्नति मिलती थी, लेकिन पिछली सरकार ने इन पदों पर संविदा भर्ती कर उनके पदोन्नति पर रोक लगा दी है। इसे तत्काल हटाया जाए। बीते वर्ष बजट में पिछली सरकार ने कर्मचारियों का वेतनमान 2750-3050 स्वीकृति किया था और कर्मचारियों का इसका लाभ भी मिल रहा है, लेकिन अब रिटायर होने वाले कर्मचारियों से कोष एवं लेखा विभाग ने वेतनमान अमान्य करते हुए वसूली शुरू कर दी है, जिसे बंद की जाए। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के साथ ही जो सेटअप तय किया गया था, उसी सेटअप पर काम चल रहा है, जिससे कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। इसमें बदलाव किया जाएगा। आबकारी व पुलिस विभाग के कर्मचारियों के समकक्ष वनकिर्मयों को माना जाता है। आबकारी व पुलिस विभाग के कर्मचारी 8 घंटे ड्यूटी करते है और वन कर्मी 24 घंटे, उन्हें ग्रेड पे 2400 रुपए दिया जाना चाहिए